अपने ही वाहनों की मेंटीनेंस करने में पालिका पीछे है। करोड़ों रुपये की लागत के वाहन नगर पालिका में खड़े धूल फांक रहे हैं लेकिन इनके रखरखाव और मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।
पालिका के पास 3 जेसीबी मशीन, 4 मिनी, 6 बड़े ट्रैक्टर, 2 डीसीएम, पांच लोडर के अलावा दर्जनों छोटे-बड़े वाहन साफ-सफाई के लिए हैं लेकिन इनके रख-रखाव का कोई इंतजाम नहीं है। इन वाहनों में 3 मिनी ट्रैक्टर खराब है। शहर की संकरी गलियों में कार्य करने वाले आधा दर्जन से अधिक टेंपो खराब हैं। शहर की तंग गलियों से कूड़ा इकट्ठा करने के लिए पांच लोडर हैं वो भी सही अवस्था में नहीं हैं। पालिका के एक लोडर में से पहिया गायब है। जो कई माह से पालिका में खड़ा है इसके अलावा अन्य लोडरों की स्थिति भी दयनीय है।
दर्जनों वाहन पालिका में ऐसे खड़े हैं जिनकी थोड़ी मरम्मत कराकर वह फिर से दौड़ सकते हैं। किसी के पहिए में पंचर तो किसी वाहन में पहिया ही नहीं है। किसी का शीशा ही गायब है। ऐसे दर्जनों वाहनों को वर्षा से पालिका ने कबाड़ में खड़ा कर दिया है। इन्हें ठीक कराने के पालिका ने प्रयास ही नहीं किए। जबकि नए वाहन खरीदने में रुचि ले रही है।