रोडवेज के रंग में रंगी निजी बस पर कार्रवाई करते एसडीएम सदर जगमोहन गुप्ता, एआरएम नरेश कुमार गुप्
- फोटो : रोडवेज के रंग में रंगी निजी बस पर कार्रवाई करते एसडीएम सदर जगमोहन गुप्ता, एआरएम नरेश कुमार गुप्ता और एआरटीओ सतेंद्र कुमार।
एटा। जिला मुख्यालय से विभिन्न मार्गों पर रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके कारण निगम को राजस्व की हानि हो रही है और लोग जान खतरे में डालकर यात्रा कर रहे हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए बृहस्पतिवार की देर शाम इस प्रकार की एक बस का चालान किया।
शहर के बीचों-बीच रोजवेज स्टैंड है, यहां भारी संख्या में निजी बसों के चालक गाड़ी को खड़ा करके सवारी बैठाते हैं। इसके कारण इसमें बैठकर जाने वाले लोगों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस प्रकार की बसें जिला मुख्यालय से कई रूटों पर चलती हैं। कासगंज-बदायूं, शिकोहाबाद-फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद मार्ग पर रोडवेज से मिलते-जुलते रंग की बसों को बहुतायत में संचालन किया जा रहा है।
चालक इन बसों को रोडवेज स्टैंड के सामने ही खड़ा कर लेते हैं। रोडवेज की तरह ही रंग होने से यात्री धोखे से इन बसों के अंदर जाकर बैठ जाते हैं। आधे रास्ते पर पहुंचने के बाद जब परिचालक टिकट देता है तब पता चलता है कि बस निगम की नहीं, निजी है। शिकायत करने पर चालक-परिचालक दोनों ही लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।
बृहस्पतिवार की देर शाम एसडीएम सदर जगमोहन गुप्ता, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश कुमार गुप्ता, एआरटीओ सतेंद्र कुमार और यातायात प्रभारी अनिल कुमार ने जांच अभियान चलाया। एक निजी बस का चालान किया। एआरएम ने बताया कि सभी विभाग अगर मिलकर इसी प्रकार से काम करेंगे, तभी इस प्रकार की बसों को रोकने में कामयाबी मिल सकती है। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद भी खास फर्क नहीं पड़ा और शुक्रवार को भी रोडवेज के रंग से मिलती-जुलती बसें स्टैंड के सामने खड़ी दिखाई दीं।