एटा। नगर के होली मोहल्ला में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरे में शायरों ने अपने कलाम पढ़कर समा बांध दिया। तड़के तक लोग अपने पसंदीदा शायरों को सुनने के लिए डटे रहे। संयोजक कशिश एटवी ने कहा कि खताओं पर जो शर्मिंदा नहीं हैं, मेरी नजरों में वह जिंदा नहीं है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण मिश्र ने फीता काटकर शमा रोशन की। चंडीगढ़ से आए मशहूर शायर नवीन नीर ने अपनी मशहूर गजल के शेर पढ़ते हुए कहा कि मेरे तरन से खून के कतरे निकल पड़े, मैं चीखता रहा कि समंदर नहीं हूं, चंद लम्हे वो गुजार आया हूं। शायर मुजीब शहजार ने कहा कि वह फूल देकर हाथ में रुखसत हो गया, लेकिन तमाम जिस्म में कांटे चुभो गया।
राही निजामी ने सुनाया कि मेरी जानिब मोहब्बत से न देखो, मेरी मोहब्बत पर ज्वाल आया हुआ है। सज्जाद झंझट ने पढ़ा कि मेरा पड़ोसी मुझसे ज्यादा गरीब है, लड़की जवान घर में है कैसा नसीब है। अना देहलवी, रिजवान उर रजा, असरद जया आदि शायरों ने भी अपने कलाम पेश कर वाहवाही लूटी। पूर्व चेयरमैन अशरफ हुसैन, शराफत काले, कफील अहमद, जमशेद आलम, मेधाव्रत शास्त्री आदि रहे।