बच्चा वार्ड में भर्ती बीमारियों से ग्रसित बच्चे।
- फोटो : बच्चा वार्ड में भर्ती बीमारियों से ग्रसित बच्चे।
एटा। बदलता मौसम नवजात और छोटे बच्चों को बीमार कर रहा है। सुबह-शाम की सर्दी से जुकाम, बुखार, निमोनिया और सांस रोग की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में संचालित बाल रोग कक्ष मेें बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चा वार्ड में बुखार के साथ खांसी व जुकाम सहित निमोनिया के मरीज भर्ती है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना नए पुराने कुल 2400 से 2500 मरीज उपचार के लिए पहुुंच रहे हैं। इसमें नवजात व छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पर्चा काउंटर से लेकर दवा काउंटर व चिकित्सक कक्ष तक मरीजों की लंबी कतार लग रही है। मरीजों की लंबी कतार की वजह बदलता मौसम है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की सर्दी लोगों को बीमार कर रही है।
बाल रोग विभाग में इस समय अधिक भीड़ है। रोजाना करीब 130 से 150 नवजात व अन्य बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकांश बच्चे सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से परेशान होते हैं। वहीं एक-दो बच्चे निमोनिया और सांस रोग की समस्या से पीड़ित भी पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को बच्चा वार्ड में कुल 25 बच्चे भर्ती थे। इनमें से 9 बच्चे बुखार से पीड़ित रहे। एक बच्चा निमोनिया से ग्रसित था। इसके अलावा अन्य बीमारियों से ग्रसित बच्चे रहे।
यह बरतें सावधानी
- नवजात को रोज स्नान न कराएं, अगर बहुत जरूरी हो तो गर्म पानी से उनके शरीर को पोछें।
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। अगर हवा चल रही हो तो धूप में बाहर न बैठाएं।
- बच्चों को पानी उबालने के बाद सामान्य होने पर ही पिलाएं।
- बच्चों के कपड़े गीले होने पर तुरंत बदल दें।
- बच्चों के खान-पान का विशेष ध्यान रखें।