एटा। जिले में दम तोड़ते पोषण मिशन को गति देने के लिए अब प्रभारी मंत्री को भी जिम्मा सौंपा जाएगा। जिले के प्रभारी मंत्री पोषण मिशन के तहत एक गांव को गोद लेंगे। साथ ही एक निराश्रित, अतिकुपोषित बच्चे की परवरिश का जिम्मा संभालेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के डीएम और प्रभारी मंत्रियों को निर्देश जारी किए हैं।
जिले में कुपोषण का ग्राफ कम करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग सुपोषण अभियान के जरिए गांवों में बच्चों को कुपोषण मुक्त करने का कार्यक्रम चला रहा है। अधिकारियों को भी गांव गोद दिए गए हैं। अब प्रभारी मंत्री को गांव में जाकर कुपोषण मुक्त अभियान की समीक्षा करनी होगी। इसके साथ वह गांव के एक निराश्रित, अतिकुपोषित बच्चे का भी सहारा बनेंगे। प्रभारी मंत्री को बच्चे के पोषण के साथ-साथ उसकी शिक्षा एवं जरूरतों को भी पूरा करना होगा।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्रियों को गांव और एक निराश्रित, अतिकुपोषित बच्चे को गोद लेने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कवायद की जा रही है।
संजय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी