शासन ने बच्चों को कुपोषण से बचाने एवं बच्चों की सेहत अच्छी बनाने के लिए दूध को मिड डे मील में शामिल किया। मीनू के मुताबिक बुधवार को गर्म उबला हुआ दूध बच्चों में दिया जाना है। अमर उजाला ने पड़ताल की तो मीनू के मुताबिक विद्यालयों में बच्चों को दूध वितरित होना नहीं मिला। कहीं दूध तो कहीं बच्चों को चावल दिए गए। दूध के लिए सुबह से ही हेडमास्टर चिंता में थे। उन्हें गांवों में ढूंढे भैंस का दूध नहीं मिला तो डेयरी के पॉली पैक दूध बच्चों को वितरित किया गया। शिक्षकों ने माना कि दूध के इंतजाम में उन्हें खासी दिक्कते हो रही है।
दृश्य एक
गुरुजी दूध लेने जाएं या पढ़ाएं
समय सुबह 10.30 बजे। नवाब विद्यालय प्रथम। यहां बच्चे मीनू के मुताबिक कोफ्ता चावल खा रहे थे। उन्हें बाद में दूध का वितरण किया गया। हेड मास्टर रामनिवास राव ने बताया कि वे स्कूल में तैनात एक ही शिक्षक हैं। अब वे दूध लेने जाएं या बच्चों को पढ़ाएं। उन्होंने मदर डेयरी से 12 लीटर दूध मंगवा कर बच्चों को बंटवाया। दूध पीकर बच्चे काफी खुश नजर आए।
दृश्य दो
भैंस का दूध ढूंढते रहे मास्साब
समय 10.40। नवाब विद्यालय तृतीय। यहां हेड मास्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि भैंस के दूध के लिए गांवों में संपर्क किया, लेकिन एक दिन की जरुरत होने के कारण पशुपालकों ने मना कर दिया। जिसके बाद डेयरी से 10 लीटर दूध मंगाकर इंतजाम किया है। उनके यहां 52 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को दूध के वितरण की जानकारी पहले से ही थी, जिसके चलते बच्चे गिलास को लेकर आए हुए थे।
दृश्य तीन
डेयरी से मंगाया दूध
समय 10.50 बजे। कन्या नवाब तरौरा। 35 छात्राएं मौजूद थी। छात्राओं ने बताया कि उन्हें दूध मिला है। हेडमास्टर फरजाना बेगम ने बताया कि 8 लीटर दूध डेयरी से मंगाया है।
इन स्कूलों में नहीं मिला दूध
वहीं ढोलना के ग्राम इटाउआ, नगला चंदन, हरियाठेर, ईशेपुर आदि ग्रामों के बच्चों को चावल दिए गए। उन्हें दूध नहीं मिला। ग्रामीण रामकिशोर ने बताया कि बच्चों को मीनू के मुताबिक भोजन नहीं मिलता। उन्हें सप्ताह में अधिकतर चावल ही दिए जाते हैं।
डीएम के गोद लिए गांव में भी बच्चों को नहीं मिला दूध
सोरों। जिलाधिकारी के गांव लिए ग्राम होडडिलपुर में भी बच्चों को दूध नहीं मिला। बच्चों को दलिया का वितरण किया गया। जबकि दलिया नए संशोधित मीनू से हटा दिया गया हैं। मीनू के मुताबिक बुधवार को कोफ्ता चावल और दूध था। प्रधान अध्यापिका प्रेमवती जूनियर स्कूलों में तैनाती के लिए हो रही काउंसलिंग में व्यस्त होने के चलते अनुपस्थित थीं। सहायक अध्यापिका कृष्णवाला ने बताया कि 150 बच्चों को मिड डे मील में दूध का इंतजाम करना काफी कठिन कार्य है।
सभी विद्यालयों में दूध के वितरण की जानकारी दी गई हैं। यदि कहीं मिड डे मील मीनू के अनुसार नहीं बंटा तो जानकारी की जाएगी। मीनू के मुताबिक मिड डे मील वितरण न किए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
दीवान सिंह यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, कासगंज