कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर अनशन और धरने पर बैठे सभासद। संवाद
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एटा। शहर में कराए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार को लेकर सभासद नगर पालिका एटा के ईओ का कड़ा विरोध जता रहे हैं। ईओ को हटाने के लिए वार्ड 13 के सभासद उमाकांत चतुर्वेदी कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर 15 अगस्त को अनशन पर बैठ गए। अन्य 17 सभासद भी उनके साथ में प्रदर्शन में शामिल हो गए। 16 अगस्त को 28 घंटे के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष ने अनशन और धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया। ईओ को हटवाने की मांग पर दस दिन का समय मांगा है।
पिछले दिनों इन्हीं सब सभासदों ने डीएम अंकित अग्रवाल को एक शिकायतीपत्र दिया था। जिसमें शहर में विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया। डीएम द्वारा कराई गई जांच में सात कार्यों को निरस्त कर दिया गया, लेकिन सभासदों का कहना था कि जब गड़बड़ी पाई गई है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। इसमें सीधे रूप से ईओ और जेई को जिम्मेदारी ठहराते हुए सभासद कार्रवाई की मांग कर रहे थे। 15 अगस्त को सुबह 9 बजे सभासद उमाकांत चतुर्वेदी धरना स्थल पर पहुंचकर अनशन पर बैठ गए।
उनका कहना था कि जब तक ईओ को नहीं हटाया जाता है, उनका अनशन जारी रहेगा। कुछ समय बाद ही सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड ने आकर उनसे मुलाकात की। दिन से लेकर रात भर उनके साथ अन्य सभासद भी डंटे रहे। 16 अगस्त को दोपहर के समय भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप जैन सहित अन्य पदाधिकारी वहां पहुंचे। आश्वासन दिया कि ईओ को हटवाने के लिए प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक के अधिकारियों से बात करेंगे। जिस पर सभासदों ने अनशन और धरना समाप्त कर दिया।