एटा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा है कि भर्ती होने वाले मरीजों को ही दवाएं मिलेंगी। इसके अलावा ओपीडी में केवल आयुष्मान भारत कार्डधारकों को सुविधा दी जाएगी। जबकि सर्दी, जुखाम और बुखार से पीड़ित साधारण मरीजों को दवाएं नहीं दी जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज में नर्सेज दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां बतौर मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. नवनीत सिंह चौहान पहुंचे। पत्रकारों से वार्ता के दौरान मेडिकल कॉलेज में निरंतर चली आ रही दवाओं की किल्लत के सवाल पर प्राचार्य ने कहा कि अब आयुष्मान कार्डधारकों को ही उपचार दिया जाएगा। इसके अलावा कोई आता है तो उसको सर्दी, जुखाम और बुखार की भी दवाएं नहीं दी जाएंगी। यहां पर ऐसे मरीजों का ही उपचार होगा जो भर्ती करने की स्थिति में हैं। बिना भर्ती मरीजों को दवाएं बंद की जाएंगी।
एक चौथाई के भी नहीं बने आयुष्मान कार्ड
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के आयुष्मान कार्ड जिले में एक चौथाई लाभार्थियों के भी नहीं बन सके हैं। कुल 433510 आयुष्मान भारत योजना में शामिल किए गए लोगों की संख्या है। मार्च 2022 तक इनमें से महज 129383 के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा सके हैं।
जिम्मेदार शासनादेश की उड़ा रहे हैं धज्जियां
प्रमुख सचिव उप्र आलोक कुमार की ओर से तीन मई 2021 को शासनादेश जारी किया था। इस शासनादेश के बिंदु संख्या पांच में स्पष्ट लिखा गया है कि जब तक जिला चिकित्सालयों की पृथक व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक मेडिकल कॉलेज में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में मेडिकल परीक्षण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे, लेकिन यहां एक अप्रैल से मेडिकल परीक्षण नहीं हो रहे हैं और एनएचएम की व्यवस्थाएं भी सुचारू नहीं हैं। शासनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।