एटा। मौसम में बदलाव के कारण मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को मेडिसिन वार्ड में 600 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थे। मेडिसिन वार्ड इनसे भरा हुआ था। महिला व पुरुष दोनों ही वार्डों में 60 मरीज भर्ती थे।
गर्मी के साथ ही तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। नर्सिंग होम से लेकर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी तक डायरिया और बुखार के मरीजों की भरमार है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगभग 1800 मरीजों के पर्चे बने। गर्मी के कारण लोग सुबह ठंडे मौसम में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचना शुरू हो गए थे। सुबह 9 बजे पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। वहीं, मेडिसन विभाग में महिलाओं सहित पुरुषों की अलग-अलग लंबी लाइन थी।
डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि गर्मी व तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। तैलीय और मसालेदार खाने के कारण पेट की समस्या से ग्रसित मरीज अधिक आ रहे हैं। सोमवार को लगभग 200 मरीज डायरिया से पीड़ित उपचार के लिए पहुंचे। इसके अलावा लगभग इतने ही मरीज बुखार के भी रहे। मेडिसिन वार्ड में लगभग 60 मरीज इन्हीं बीमारियों से पीड़ित भर्ती थे। इसके अलावा बच्चा वार्ड में भी 15 बच्चे डायरिया से पीड़ित भर्ती थे।
आंतों में हो रहा संक्रमण
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एबी सिंह ने बताया कि इन दिनों आंतों में संक्रमण हो रहा है और डायरिया की वजह से शरीर में पानी और नमक की कमी हो रही है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही किसी भी बालक या व्यक्ति को भारी पड़ सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
ऐसे करें बीमारियों से बचाव
- दो-तीन घंटे बाहर रहना हो तो पानी साथ ले जाएं।
- पानी खूब पीयें, शरीर में इसकी कमी न होने दें।
- शिकंजी बनाकर पीएं तो बेहतर है।
- बासी खाना न खाएं, सादा हल्का भोजन लें।
- पैकेट बंद खाना न लें, खुले बिक रहे खाद्य पदार्थ से बचें।
- बच्चों को पहला दस्त होने के बाद ओआरएस घोल दें।