मुनीम लूटकांड में कोतवाली देहात पुलिस द्वारा एक मेडिकल स्टोर संचालक को आरोपी मानते हुए जेल भेजने के मामले में शुक्रवार को राजनीति गर्मा गई। भाजपा ने पुलिस पर निर्दोषों को इस मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई ग्रामीण इस मामले में एसएसपी से मिलने पहुंचे। एसएसपी जांच कराने की मांग की।
बागवाला के गांव मुबारिकपुर निवासी सौंदान सिंह ने बताया कि उनका बेटा योगेश बड़े भाई ताराचन्द्र के साथ करतला पर मेडिकल की दुकान चलाता है। 20 अक्तूबर को योगेश मेडिकल की दुकान पर बैठा हुआ था, वहीं से पुलिस योगेश को उठा ले गई। उस पर मुनीम के साथ हुई लूट, बाइक चोरी तथा कासगंज में हुई लूट में झूठा फंसा दिया है। जबकि बेटे योगेश के पास मुनीम से हुई लूट का एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है।
बाइक की चाबियों गुच्छा भी उसके पास नहीं मिला है। उसके बाद भी पुलिस ने डंडे के बल पर योगेश को आरोपी बना दिया है। चेयरमैन सिढ़पुरा के पति श्यामसुंदर गुप्ता के मुनीम से ढाई लाख की लूट हुई थी। मुनीम ने भी योगेश द्वारा लूट करने से इंकार किया है।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज गुप्ता, वीरेंद्र सिंह, सिढ़पुरा के चेयरमैन पति श्यामसुंदर गुप्ता, सोनपाल, राहुल, प्रेमसिंह, पुष्पेंद्र सिंह, कुंवरपाल, बृजेश, अवधेश, हवलदार, राजवीर, कोमल सिंह, प्रमोद, मनीष, चंद्रपाल, मानपाल, सतीश, दामोदर सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।