एटा। कोतवाली देहात क्षेत्र में मारहरा रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में उपप्राचार्य और एक विभागाध्यक्ष के बीच विवाद छिड़ा हुआ है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी विभागाध्यक्ष ने उपप्राचार्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप जड़े और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
वीरांगना अवंतीवाई लोधी स्वशासी राज्य महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. अर्चना की ओर से दी गई शिकायत में बताया कि वह जन्म से ही दिव्यांग हैं। महाविद्यालय में 5 साल की बेटी के साथ रहती हैं। जबकि पति गुजरात में नौकरी करते हैं। महाविद्यालय में उपप्राचार्य डॉ. रजनी पटेल व लेखा विभाग के कर्मचारियों द्वारा सांठ-गांठ कर वित्तीय अनियमितताएं की जा रहीं हैं। अगस्त में पता चलने पर मैंने प्राचार्य को अवगत कराया। उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेज मंगाकर जांच शुरू करा दी। इस बात की जानकारी डाॅ. रजनी पटेल को हुई तो बौखला गईं और मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचने लगीं। मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया। एक झूठी शिकायत मेरे खिलाफ डलवाई जिसका मेरी ओर से स्पष्टीकरण दे दिया गया।
आरोप है कि 11 अक्तूबर की शाम 3 बजे जबरन उपप्राचार्य ने रोक लिया, मेरी दिव्यांगता का मजाक उड़ाया। इससे मैं बहुत ही आहत हुई तब परिजन को फोन कर बुलाया। उन पर उपप्राचार्य ने कैंपस में मौजूद अपने अधीनस्थों से हमला कराकर कार में तोड़-फोड़ की और झूठे आरोप लगाकर मेरे खिलाफ केस दर्ज करा दिया। डाॅ. रजनी पटेल अपने अधिकारों को दुरुपयोग कर रही हैं। थाना प्रभारी शंभूनाथ सिंह ने बताया कि दूसरा पक्ष एसएसपी के पास गया है। पहले से दर्ज मामले की सोमवार से जांच शुरू की जाएगी। दूसरे पक्ष की तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच कराई जाएगी।