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चिकिन पॉक्स ने दी दस्तक, स्वास्थ्य विभाग बेखबर

Sun, 25 Jan 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला एटा
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कासगंज। जनपद में चिकिन पॉक्स ने दस्तक दे दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी भनक तक नहीं हैं। पीड़ित देशी चिकित्सा से अपना इलाज करा रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सकों के यहां ऐसे तमाम मरीज पहुंच रहें हैं।
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वैसे तो मौसम ठंड का चल रहा है, लेकिन इस मौसम में भी लगातार बदलाव हो रहा है। किसी दिन बारिश हो जाती है तो किसी दिन खिली धूप। तो कभी शीतल हवाएं शरीर को झकझोर देती हैं। मौसम का यह रुख स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। संक्रामक रोग अपने पैर पसारने लगे हैं। चिकिन पॉक्स ने भी अपनी दस्तक दे दी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पीड़ितों का उपचार नहीं करा पा रहा।


प्रिंसी पुुत्री राजवीर सिंह निवासी नगला अस्तल चिकिन पॉक्स से पीड़ित है। वह अपना उपचार कराने के लिए एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के पास पहुंची। इस तरह के तमाम मरीज आयुर्वेदिक चिकित्सक के यहां उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
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यह हैं चिकिन पॉक्स के लक्षण
चिकिन पॉक्स को छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। यह वायरस जनित रोग हैं। इसमें बुखार के साथ शरीर पर दाने हो जाते हैं। यह दाने ठीक होने के बाद निशान छोड़ जाते हैं। साधारणत: यह आठ से दस दिन में स्वत: ही समाप्त हो जाती है। यदि स्थिति अधिक खराब होती नजर आए तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। इसके लक्षण हैं हल्का बुखार, जी मिचलाना, पीठ में दर्द रहना। शरीर में पानी से भरे हुए दाने निकलना। दानों में खुजली होना।

बचाव:
चिकिन पॉक्स से पीड़ित मरीज से बचाव करें। यह एक संक्रामक रोग है, एक दूसरे के संपर्क में होने से फैलता है। खासकर जब दाने ठीक हो रहे होते हैं तो उनके खुरंट में वायरस होते हैं, जो भी व्यक्ति इनके संपर्क में आता है, वह संक्रमित हो जाता है। इसके अतिरिक्त मरीज के खांसने और छींकने से भी इसका संक्रमण हो सकता है। मरीज के पास स्वच्छता ध्यान रखा जाए, उसके कपड़े आदि को गरम पानी में धोएं।
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अब चिकिन पॉक्स हर मौसम में फैलने लगी है। उनके पास प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों से आधा दर्जन पीड़ित पहुंच रहे हैं।   
- अनिल कुमार, चिकित्सक आयुर्वेद
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