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Etah News: चिह्नित जमीन बदली, कलेक्ट्रेट पहुंचा पीड़ित परिवार

Fri, 14 Feb 2025 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शिकायत लेकर पहुंची नगला पवल की छाया परिवार के साथ।  - फोटो : जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर शिकायत लेकर पहुंची नगला पवल की छाया परिवार के साथ।
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एटा। ब्लॉक शीतलपुर के गांव नगला पवल में आर्थिक तंगी से परेशान होकर पिछले महीने एक महिला ने कीटनाशक खाकर जान दे दी। अपने पीछे महिला 4 बेटियों और दो बेटों को छोड़ गई। रोते-बिलखते बच्चों की खबर जब प्रशासन तक पहुंची तो मदद की गई और 6 बीघा जमीन का पट्टा देने की बात कही गई। मगर चिह्नित की गई जमीन की पैमाइश होने के बाद अब बदल दिया गया है। जिसके चलते पीड़ित परिवार शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचा।
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नगला पवल निवासी सुमन के पति ओमकार की 23 वर्ष पूर्व मौत हो चुकी थी। दोनों का मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जब जानकारी प्रशासन को हुई तो आला-अधिकारी गांव में पहुंचे और परिवार की आर्थिक मदद करते हुए अन्य प्रकार की सुविधाओं को प्रदान करने की बात कही।
एसडीएम सदर जगमोहन गुप्ता ने पीड़ित परिवार को 6 बीघा जमीन का पट्टा देने की बाद कही। सुमन की सबसे बड़ी बेटी छाया ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश के बाद गांव में घर से कुछ ही दूरी पर 6 बीघा जमीन की पैमाइश कराकर पट्टा देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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जमीन की नापतौल के बाद चूना टालकर चिह्नांकन भी कर दिया गया। मगर कुछ दिन के बाद ही वहां से हटाकर घर से लगभग 1 किलोमीटर दूर दूसरे स्थान की जमीन का पट्टा किया जा रहा है। छाया ने बताया कि दादी बूढ़ी हैं और हम सब भाई-बहन छोटे हैं, वहां तक कैसे पहुंच पाएंगे। इसके अलावा जमीन में जगह-जगह गड्ढे हैं।
खेती योग्य बनाने में समय और पैसा खर्च होगा। इसी समस्या के समाधान के लिए शुक्रवार को हम लोग जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पर आए हैं। वहां एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश से मुलाकात हुई। उन्होंने बात सुनने के बाद तहसीलदार कार्यालय में हमको भेज दिया। वहां तहसीलदार सदर संदीप सिंह ने कहा कि पहले जो भूमि दी जा रही थी, वो विवादित है। इसलिए दूसरी जगह जमीन दी जा रही है।
छाया का आरोप है कि पूर्व में चिह्नित जमीन में कोई विवाद नहीं है, जिस व्यक्ति ने भूमि पर कब्जा किया है वह हमारे आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण सामाजिक शोषण कर रहा है।
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