्रक भर कर मिली मांगुर मछली- अमर उजाला
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एटा। प्रतिबंधित मांगुर मछली पालन में जिला भी अछूूता नहीं है। जिले में भी चोरी छिपे मांगुर मछली पालन का खूब कारोबार होता है। मछुआरे कम लागत में अधिक मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। समय-समय पर मत्स्य विभाग मांगुर मछली को लेकर अभियान चलाता रहा है, लेकिन फिर भी रोक नहीं लग पा रही है।
सोमवार रात को मलावन थाने में मांगुर मछली से भरा ट्रक पकड़े जाने के बाद अफसर हैरत में हैं। प्रतिबंधित मछली की तस्करी को लेकर छापेमारी तेज की जा रही है। साथ ही जिले में भी चोरी छिपे होने वाले मांगुर मछली के पालन पर भी विभाग की निगाह है। बताया जाता है कि जिले के कई तालाबों में मांगुर मछली का पालन किया जाता है। यह मछली दूषित पानी में भी बढ़ जाती है, इसलिए मछुआरों को इसके लिए ज्यादा लागत नहीं लगानी पड़ती। साथ ही मांगुर की मांग भी काफी रहती है। इसके चलते यह मछली ऊंचे दामों पर बिकती है। मत्स्य विभाग ने प्रतिबंधित मछली का ट्रक पकड़े जाने के बाद जिले के मछुआरों पर भी नजर रखने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं पुलिस विभाग भी चेकिंग अभियान को तेज करने की तैयारी कर रहा है।
बाहरी जिलों में भी पालन
मांगुर मछली का कारोबार जिले के साथ-साथ मैनपुरी, फिरोजाबाद और आगरा समेत कई जिलों में होता है। इन जिलों में तालाबों की संख्या अधिक होने से मछुआरे चोरी छिपे खूब कारोबार करते हैैं।
डिब्बों में छिपाकर लाई जाती हैं मछलियां
सूत्र बताते हैं कि शहर में लगने वाले मछली बाजार में भी मांगुर की बिक्री होती है। मछली विक्रेता डिब्बों में छिपाकर मछली को यहां लाते हैं।