देवी मां की मूर्ति बनाता कलाकार
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मां आदिशक्ति की भक्ति का पर्व चैत्र नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। मंदिरों मे साफ-सफाई, सजावट का काम जारी है। बाजारों में भी पूजन सामाग्री के खरीदारों की भीड़ है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण लोग पर्व को लेकर पूजा और व्रत के सामान खरीदते दिखे।
चैत्र नवरात्र 28 मार्च से शुरू हो रहे हैं। जिले के प्रमुख देवी मंदिरों में इसकी तैयारियां चल रही हैं। शहर के प्रमुख पथवारी मंदिर में पूरे दिन साफ-सफाई का काम चलता रहा। वहीं मंदिर में आकर्षक लाइटों को सजाने में कारीगर जुटे हैं। भक्तों की भीड़ के मद्देनजर बेरीकेडिंग की जा रही है। इसके साथ ही माता महाकाली मंदिर, शीतला माता मंदिर और जनता दुर्गा मंदिर में भी नवरात्र को लेकर साज-सज्जा चलती रही। इसके साथ ही मंदिरों में धार्मिक आयोजन, देवी जागरण, भागवत कथा और माता की पालकी निकालने की तैयारी में लोग जुटे हैं। वहीं रविवार को लोगों ने पूजा की थाली, चुनरी, कलश, कुट्टू, सिंघाड़े का आटा, गोला, रोली आदि सामानों की खरीदारी की। वहीं देवी मंदिरों के बाहर चुनरी, पूजा थाली, प्रसाद की दुकानें सज चुकी हैं।
लाल चोले की खास डिमांड
नवरात्र में माता को चढ़ाने के लिए महिलाएं लाल चोले की खास मांग कर रही हैं। इसके साथ नवरात्र के नौ दिनों में माता को अलग-अलग पोशाक पहनाने के लिए भी अलग-अलग पोशाक खरीदी जा रही है।
मूर्तियों को दे रहे अंतिम रूप
नवरात्र को लेकर मूर्तिकार भी तेजी से देवी मां की मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पिछले वर्षों में नवरात्र पर्व पर मां की मूर्तियों को सार्वजनिक रूप से स्थापित करने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसके चलते मूर्तिकारों से विभिन्न साइज की मूर्तियां तैयार कर ली हैं। मूर्तिकार विजय बताते हैं कि पांडाल में स्थापना के लिए देवी मां की मूर्ति की खास डिमांड रहती है। इसके चलते काम तेजी से चल रहा है। उनके यहां 200 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक की मूर्तियां हैं।