कायाकल्प अवार्ड लेते मडी पीएचसी प्रभारी डॉ. ऋषभ सक्सेना।
- फोटो : कायाकल्प अवार्ड लेते मडी पीएचसी प्रभारी डॉ. ऋषभ सक्सेना।
एटा। मंडी समिति अर्बन पीएचसी को कायाकल्प में प्रथम स्थान मिला है। टीम ने पीएचसी पर आकर मूल्यांकन किया था। इसके बाद अवार्ड दिया गया। योजना के तहत पीएचसी को दो लाख रुपये अलग से मिले हैं।
सरकार अस्पतालों की व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा कायाकल्प अवार्ड योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत अस्पताल से मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ बुनियादी ढांचे का विकास, शुद्ध पेयजल, जैविक कचरे के निस्तारण सहित 120 मानकों के अनुरूप इसका मूल्यांकन किया जाता है। स्वास्थ्य इकाइयों का मूल्यांकन करने के लिए लखनऊ से टीम आती है जो अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देती है।
टीम ओपीडी से लेकर भवन में साफ-सफाई, स्वास्थ्यकर्मियों का मरीजों के प्रति व्यवहार, टीकाकरण की स्थिति आदि को देखती है। अभिलेखों की पड़ताल करने के साथ उनका रखरखाव भी देखती है। एक वर्ष में 20 हजार से अधिक मरीजों की ओपीडी मिली। इसके अलावा प्रसव आदि कराए गए। इस पर शासन ने कायाकल्प में प्रथम स्थान मंडी समिति को दिया। पीएचसी प्रभारी डॉ. ऋषभ सक्सेना ने बताया कि नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुधीर कुमार के नेतृत्व में पीएचसी ने प्रथम स्थान हासिल किया है।