एटा। जिले में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बावजूद संक्रमण लगातार नए लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अब तक एसएन मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर समेत कुल 9 मलेरिया मरीज दर्ज हो चुके हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में अलग से अब तक 5 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में डेढ़ माह से लगातार मरीज बढ़ रहे हैं, इसके बावजूद मलेरिया नियंत्रण को लेकर प्रभावी रणनीति नजर नहीं आ रही। विभाग की ओर से केवल उन्हीं इलाकों में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मरीज सामने आ रहे हैं। जिन क्षेत्रों में अभी मरीज सामने नहीं आए हैं, वहां व्यापक सर्वे, एंटी लार्वा छिड़काव और जागरूकता अभियान की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। विभाग का पूरा फोकस मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य शिविर तक सीमित दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते व्यापक अभियान नहीं चलाया गया तो आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
यूनिफाइड डिजीज सर्विलांस प्लेटफॉर्म (यूडीएसपी पोर्टल) पर ये मरीज मिले मलेरिया पीड़ित
शिखा राठौर- रशीदपुर (चिकित्सक, एसएन मेडिकल कॉलेज)
पंकज- सौंसा
श्री निवास- भाओपुरा
मोरकली- नगली धीरज
शिव- रशीदपुर
राजेश शर्मा- दहेलिया
विश्नोद- नगला डाडा
आरती- महुअट
अशलम खान- निधौलीकलां
गांव सोंसा में लगाया स्वास्थ्य शिविर, 7 की हुई मलेरिया जांच
जिला मलेरिया अधिकारी लोकमन सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव सोंसा में एक बच्चा मलेरिया पीड़ित मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। शीतलपुर ब्लॉक के ग्राम सोंसा में मलेरिया पीड़ित पंकज (7) की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। डॉ. आकाश वर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कुल 26 मरीजों को जरूरी परामर्श व दवाइयां बांटीं। मलेरिया की त्वरित जांच के लिए 07 संदिग्धों के एमपी कार्ड से मलेरिया की जांच की गई। हालांकि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं मलेरिया पीड़ित पंकज का एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में उपचार चल रहा है।
लोगों को किया जा रहा है जागरूक
जिले में पिछले वर्ष जिन इलाकों में मलेरिया पीड़ित अधिक मिले हैं। उन इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं कोशिश की जा रही है कि अधिक से अधिक शिविर लगाकर लोगों को उपचार व रोकथाम के बारे में अवगत कराया जाए।- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ