विकलांगों की पेंशन बढ़ाने, आधार कार्ड व अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को आदर्श विकलांग उत्थान समिति के बैनर तले विकलांगों ने कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। बाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख रूप से मांग की गई कि विकलांगों के मान-सम्मान की रक्षा के लिए विकलांग एक्ट बनाया जाए।
इस मौके पर समिति के प्रबंधक/सचिव जीके राजपूत ने कहा कि बहुत इंतजार कर लिया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि विकलांग पेंशन 1500 रुपये महीने की जाए। आधार कार्ड व बीपीएल कार्ड विशेष अभियान चलाकर शीघ्र बनवाए जाएं। इसके अलावा स्वरोजगार चलाने के लिए विकलांग कार्यालय से एक लाख तक का लोन दिया जाए। छविनाथ सिंह यादव ने कहा कि स्वच्छ भारत के लिए विकलांगों के लिए शौचालय बनवाए जाएं और कान्वेंट स्कूलों में विकलांग बच्चों की 10 प्रतिशत सीटें दी जाएं। इसमें किसी भी प्रकार का शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।
मुलायम सिंह ने मांग की कि ग्राम प्रधान विकलांगों से मनरेगा कार्य तो करा लेते हैं पर मजदूरी उन्हें नहीं देते हैं। न ही तालाब का पट्टा उन्हें दिया जाता है। सरकार विकलांगों को तालाब का पट्टा देकर मछली पालन कराए, जिससे विकलांगों को लाभ मिल सके। जीके राजपूत ने सरकार से मांग की कि विकलांगों का आरक्षण तीन प्रतिशत पूर्ण किया जाए। जनसंख्या के आधार पर विकलांग आरक्षण 10 प्रतिशत किया जाए। इसके अलावा विकलांग कल्याण अधिकारी भी विकलांग होना चाहिए। इस मौके पर नंदकिशोर कश्यप, भीकम पाल, रमेशचंद्र, सुशील कुमार, उमाशंकर, भूप सिंह, त्रिभुवन सिंह, मनोज गोला, योगेश कुमार, मुकेश कुमार, महीपाल, सोनेलाल, तोताराम, वीरेश कुमार आदि मौजूद थे।