कासगंज। पापा.. किसी तरह हमें घर बुला लो। सरकार सिर्फ पंजीकृत मजदूरों को ही घर भेज रही है। पंजीकरण के लिए जो टोल फ्री नंबर दिए गए हैं उन पर कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा। यहां खाने-पीने का इंतजाम भी नहीं हो पा रहा। इस तरह की गुहार अन्य प्रदेशों में कार्य करने वाले लोगों द्वारा अपने परिजनों से लगाई जा रही है। परिजन भी रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जिले के सरकारी दफ्तरों तक चक्कर लगा रहे हैं। एक या दो नहीं बल्कि तमाम मजदूरों की यही समस्या है।
हम बहुत परेशान हैं
कासगंज क्षेत्र के गांव नगला मोहन में रहने वाले राजीव कुमार दिल्ली के रिठाला में रहते हैं। वह एक कंपनी में श्रमिक हैं। उन्होंने रविवार सुबह अपने पिता रामसुख को फोन किया। कहा कि पापा यहां खाने-पीने का इंतजाम नहीं हो पा रहा। घर से बाहर नहीं निकल पा रहे। यूपी सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए नोडल अधिकारियों के जो नंबर दिए गए हैं उन पर संपर्क नहीं हो पा रहा। किसी तरह कासगंज में रजिस्ट्रेशन कराकर हमें घर बुला लो।
सारे प्रयास हो गए विफल
पंजाब के अमृतसर में एक फैक्ट्री में मजदूरी करने वाले गुरहना पंचायत के अशोक कुमार अपने अन्य साथियों के साथ पंजाब में फंसे हुए हैं। उन्होंने भी अपने परिजनों को फोन करके कहा कि पंजाब में तो किसी तरह रजिस्ट्रेशन करा ही नहीं पा रहे और बिना रजिस्ट्रेशन के हम घर नहीं आ पाएंगे और यदि यहीं फंसे रहे तो भूखे रहने की नौबत आ जाएगी।