एटा। अपर सत्र न्यायाधीश सुधा ने सोमवार को 14 साल पुराने हत्याकांड में फैसला सुनाया। दोषी पाए गए सुखवीर निवासी नखतपुरा थाना जैथरा को आजीवन कारावास से दंडित करने का आदेश दिया।
घटना जैथरा थाना क्षेत्र में 1 मार्च 2010 को हुई थी। गांव नखतपुरा निवासी श्रीकृष्ण ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उसका भाई विश्वनाथ सिंह व गांव के बलवीर हरियाणा के गुरुग्राम में हलवाईगीरी का काम करते हैं। करीब 10-12 दिन पहले इन दोनों के बीच अच्छी हलवाईगीरी को लेकर झगड़ा हो गया था।
इसके बाद मामला शांत हो गया। गांव में आकर बलवीर ने छोटे भाई शिवराम से गालीगलौज की। लोगों ने समझाकर मामला शांत कर दिया था। 1 मार्च को दूध लेकर आ रहे शिवराम को बलवीर, सुखवीर व राजवीर ने रास्ते में घेर लिया। इनके हाथों में तमंचे थे। इन लोगों ने शिवराम को गोली मारकर हत्या कर दी। अदालत में कई साल चली सुनवाई के दौरान बलवीर की मृत्यु हो गई।
जबकि राजवीर को दोषमुक्त पाया गया। सुखवीर को दोषी ठहराया गया। इसको आजीवन कारावास व 53 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।