कासगंज। हड़ताल अवैध घोषित किए जाने के बाद भी हड़ताल पर डटे लेखपालों के खिलाफ प्रशासन निरंतर कार्रवाई कर रहा है। सर्विस ब्रेक करने और सात लेखपालों को निलंबित करने के बाद तीसरे दिन का भी वेतन प्रशासन ने काट दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से भले ही लेखपालों में खलबली है, लेकिन लेखपाल अपनी जिद पर अड़े हुए हैं।
प्रदेश सरकार ने लेखपालों की हड़ताल को अवैध बताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश प्रशासनिक अफसरों को दिए हैं। डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सात लेखपालों को निलंबित किया जा चुका है। जिसमें लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष, सचिव और सभी तहसील के अध्यक्ष शामिल हैं। हड़ताल अवैध घोषित होने के तीसरे दिन भी लेखपाल काम पर वापस नहीं आए। इस पर प्रशासन ने तीसरे दिन का वेतन भी लेखपालों का काट दिया है।
डीएम ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक लेखपाल काम पर नहीं आएं, उनका प्रति दिन का वेतन काटा जाए। प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में खलबली मची हुई है, लेकिन लेखपाल अपनी जिद पर अड़े हैं। लेखपाल मैदान-ए- जंग का एलान कर चुके हैं। इधर जिला प्रशासन ने अब और सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। तहसीलदार ने तहसील क्षेत्र के सभी हड़ताली 39 लेखपालों की सेवा समाप्ति के लिए नोटिस तैयार किया जा रहा है।