बाजार में लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा खरीदती महिलाएं- अमर उजाला
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एटा। दीपावली पर भगवान श्रीगणेश और माता लक्ष्मी के पूजन की विशेष परंपरा है। यह पूजन बिना लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा के बिना पूरा नहीं होता है। इसमें भी मिट्टी से बनी प्रतिमा सबसे शुद्घ मानी जाती है। अब तक चाइनीज और प्लास्टिक ऑफ पेरिस की मूर्तियों का चलन था। इस वर्ष कुंभकारों द्वारा तैयार मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं सबसे ज्यादा डिमांड में रहीं।
शनिवार को सुबह से प्रतिमाओं की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ी। घंटाघर, हाथी गेट, गांधी मार्केट, मेहता पार्क सहित जगह-जगह मूर्तियों की दुकानों पर दिनभर खरीदारी होती रही। हालांकि पिछले साल की तुलना में इस साल लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं पर महंगाई का असर रहा। मूर्ति विक्रेता जितेंद्र ने बताया कि मिट्टी की मूर्तियों की मांग सर्वाधिक है। कोलकाता और लखनऊ की पोशाक वाली मूर्तियां लोगों को खूब भा रही हैं। मिट्टी के बने विभिन्न आकृतियों के दिए भी खूब बिके।
यह रहे रेट
लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमाओं पर भी महंगाई की मार पड़ी है। पिछले साल जो छोटी मूर्ति 10 से 15 रुपये में बिक रही थी, इस साल 20, 30, 50 और 80 रुपये में बिकी है। बाजार में लक्ष्मी-गणेश की एक फुट की प्रतिमा 400 से 500 रुपये की बिकी।