पीला रंग, चालक-परिचालक का नाम लिखे बिना चलाई जा रही स्कूल वैन ।संवाद
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एटा। जिले में मानकों की अनदेखी करके स्कूल के वाहनों को दौड़ाया जा रहा है। कुल मिलाकर अधिकारियों की अनदेखी और लापरवाही लाडलों की जान खतरे में डाल रही है। मानकों को ताक पर रखकर खटारा वैन और बसों को दौड़ाया जा रहा है। वाहनों में न तो अग्निशमन यंत्र हैं और न ही फर्स्ट एंड किट। ज्यादातर वाहन क्षमता से कई गुना बच्चों को भरकर ले जा रहे हैं।
परिवहन विभाग की कार्रवाई हर बार नोटिस तक ही सिमट जाती है। स्थिति यह है कि कुल पंजीकृत 342 वाहनों में से 218 की ही फिटनेस कराई गई है। इसके बावजूद अनफिट 84 वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो अधिकारियों को नजर नहीं आ रहे। आठ सीटर वैन में 20 से अधिक बच्चों को भरकर उनकी जिंदगी को जोखिम में डाल रहे हैं। जबकि वाहन फीस के नाम पर स्कूल संचालक अभिभावकों से मोटी रकम वसूल रहे है।
इन्हें दिए गए नोटिस
40 वाहन ऐसे हैं जिनकी 15 वर्ष की आयु पूरी हो चुकी है। इन्हें छह महीने में तीन बार नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं अनफिट 84 वाहनों को एक महीने पहले नोटिस जारी कर फिटनेस कराने के निर्देश दिए, लेकिन इसका कोई नतीजा हासिल नहीं हुआ।
अलीगंज में हो चुका है हादसा
पांच साल पहले अलीगंज में हुए स्कूली बस हादसे में बारह छात्र-छात्राओं की मौत हुई थी। इसमें मानकों की कमी की बात सामने आई थी। इसके कुछ दिन बाद शहर के रेलवे पुल के पास ओमनी कार में बच्चों को ले जाते समय आग लग गई थी। इसमें बच्चे बाल-बाल बचे थे।