कोहरे की चादर तनने के साथ सर्दी का कहर शुरू हो गया है। गुरुवार को दिनभर धुंध का असर फिजा में बना रहा। धूप निकली, लेकिन बेअसर साबित हुई। वहीं ठंड बढ़ने से सर्दी, जुकाम और खांसी से लोग जकड़ने लगे हैं। दमा के मरीजों के लिए तो यह मौसम काल है। कड़ाके की ठंड शुरू होने के बाद भी छोटे बच्चों के स्कूलों के समय में परिवर्तन नहीं हुआ है। अलाव, बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरा, कंबल वितरण आदि के भी अब तक इंतजाम नहीं हो सके हैं।
ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पताल में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में ही गुरुवार को 1200 मरीज आए थे। इनमें बच्चे और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा थी। अधिकतर लोग सर्दी, जुकाम, बुखार और सांस की बीमारी से जकड़े दिखे। डाक्टरों ने लोगों को सर्दी से बचने की सलाह दी है। सीएमएस डॉ एके चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम बदलने से मरीज बढ़ रहे हैं। लोगों को सर्दी से बचने की जरुरत है। आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतराम सरोज ने बताया किबसस्टैंड पर रैन बसेरा का इंतजाम किया जा रहा है। एडीएम वित्त और राजस्व महेश चंद्र शर्मा कहते हैं कि कंबल वितरण को लेकर अभी बजट नहीं आया है। अलाव, कंबल वितरण की व्यवस्था जल्द होगी।
सर्दी के लक्षण
गले में घरघराहट, नाक बंद हो जाना, सिर दर्द होना, चिडचिड़ाहट होना, बुखार होना, छींक आना।
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बचाव
-सही समय पर संतुलित भोजन करें।
-ठंडा व बासी भोजन न करें।
-खाने में सोंठ, गुड़ और काली मिर्च आदि का प्रयोग करें।
-सिर, कान को मफलर आदि से ढककर ही बाहर निकलें