अब किसानों को वाहनों के अभाव में सरकारी क्रय केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी नहीं आएगी। सरकारी क्रय केंद्र पर सूचना मिलने पर किसानों के घर मोबाइल गेहूं क्रय टीम पहुंचेगी और गेहूं की खरीद करेंगी। इसके अलावा डीएम ने जिले में आठ नए क्रय केंद्रों के खोलने के निर्देश दिए है।
लक्ष्य से पिछड़ रही सरकारी गेहूं की खरीद खरीद बढ़ाने के लिए जिला विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव द्वारा पीसीएफ और यूपीएसएस के चार-चार नए केंद्र खोलने के प्रस्ताव को जिलाधिकारी ने अनुमति दे दी है। इसके साथ ही 74 क्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। इतना ही नहीं वाहन विहीन या अन्य कारणों से क्रय केंद्रों तक गेहूं लाने में असमर्थ किसानों की फसल घर बैठे ही बिक सकेगी इसके लिए क्रय केंद्र टीम का गठन किया गया है जो किसान के घर जाकर गेहूं की खरीद करेंगी। बताते चलें कि शासन ने जिले को इस वर्ष 45 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। इसके लिए जिले में 74 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इसके बाद भी गेहूं की सरकारी खरीद की गति काफी धीमी है। शुरूआत में केंद्र प्रभारियों पर लापरवाही के आरोप लगे थे। लेकिन प्रशासन की चेतावनी देने के बाद केंद्रों पर व्यवस्थाएं तो सुधरी लेकिन खरीद नहीं बढ़ पा रही।
एटा। जिला खाद्य विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि डीएम ने सभी केंद्र प्रभारियों को गांव-गांव खरीद के लिए संपर्क करने को कहा है। साथ ही क्रय केंद्रों तक गेहूं लाने में असमर्थ किसानों की केंद्र प्रभारी मदद करेंगे। बता दें कि प्रदेश के कई मंडलों में मोबाइल केंद्र की व्यवस्था पहले से ही लागू है। इसके तहत केंद्र प्रभारी किसानों के घर से केंद्र पर गेहूं लाने की भी व्यवस्था कर रहे हैं।
एटा। बीज की गुणवत्ता एवं धोखाधड़ी की शिकायतों पर कृषि विभाग ने किसानों को बीज-खाद के साथ पक्की क्रय रसीद लेने के निर्देश दिए हैं। ताकि नकली बीज एवं धोखाधड़ी पर विक्रेताओं के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके। आदेश के अनुपालन में जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने जहां विक्रेताओं को नियमानुसार खाद, बीज एवं पेस्टीसाइडस की पक्की रसीद क्रेता किसानों को देने के निर्देश दिए हैं। वहीं किसान भी रसीद लेना न भूलें। जिस पर बीज की मात्रा, मूल्य एवं संबंधित कंपनी का नाम अवश्य लिखा हो। कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ की बुवाई के लिए बाजार में मक्का, उर्द, मूंग और बाजरा के बीज आ गए हैं। बता दें कि जिले में एक हजार के आसपास खाद-बीज की दुकान हैं और जिले में करीब पौने दो लाख किसान हैं।