एटा। कृषि कानून के विरोध में किसान संगठनों द्वारा चल रहे आंदोलन में सोमवार को समाजवादी पार्टी ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यकर्ता जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। यहां धरना सभा में वक्ताओं ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा। वहीं पिलुआ पर किसानों ने जाम लगाया, जिसे पुलिस ने ज्ञापन लेकर आधा घंटे में खुलवा दिया।
धरना स्थल के समीप ही अखिल भारतीय किसान यूनियन का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। इसमें भाकियू राष्ट्रीयतावादी ने समर्थन दिया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अलंकार अग्निहोत्री को सौंपा गया। अखिल संघर्षी, संजीव प्रधान, रामकिशन, ओम प्रकाश, महेश चंद्र, जुगेश कुमार, रमेश चंद्र कुुशवाह, रामप्रकाश और चंद्रकली आदि मौजूद रहे। जन अधिकारपार्टी ने कृषि कानूनों के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें शिवदर्शन पाल, संग्राम सिंह, वृंदावन सिंह, ईश्वर दयाल, बलवीर और अमित कुमार मौजूद रहे। राष्ट्रीय सूर्य प्रकाश पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में स्वामी नाथन आयोग लागू करने की मांग उठाई।
अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी ने कहा कि देश के अन्नदाता को हानि पहुंचाने वाली सरकार का कोई भी कदम बर्दास्त नहीं किया जाएगा। पूर्व सांसद कैलाश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव ने कहा कि देश का अन्नदाता अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। पूर्व विधायक अजय यादव, पूर्व विधायक अमित गौरव यादव, पूर्व विधायक रणजीत सुमन, पूर्व जिलाध्यक्ष अशरफ हुसैन ने कहा कि अब किसान विरोधी नाकारा निकम्मी है। संचालन जिला महासचिव भूपेंद्र प्रजापति ने किया। धरने को ब्लॉक प्रमुख ओमपाल सिंह यादव जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव, तहसीलदार सिंह बघेल, राकेश यादव, सुनील यादव, मंजीत यादव, शशांक यादव, फईमुद्दीन वारसी, अनिल कुमार सागर, डॉ, राजकुमारी धनगर, सत्यवीर सिंह दिवाकर आदि मौजूद रहे।