नोटबंदी को एक महीना बीत चुका है। फिर भी बैंकों के बाहर लाइनें कम होती नहीं नजर आ रही हैं। अब भी लोग नकदी के लिए परेशान हैं। शुक्रवार को भी सभी बैंक और उन एटीएम बूथों पर लंबी लाइनें दिखी, जहां से धन निकासी हो रही थी। वहीं सहकारी और ग्रामीण बैंक शाखाएं कैशलेस बनी हुई हैं।
नोटबंदी के बाद जिले में नकदी संकट खत्म नहीं हो रहा है। शुक्रवार को भी शहर की केनरा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, पीएनबी, एक्सिस बैंक के बाहर लोगों की कतारें लगी रहीं। वहीं कैश की कमी के कारण ज्यादातर एटीएम बंद रहे। वहीं बैंकों से भी लोगों को महज दो से और चार अथवा पांच हजार रुपये तक ही मिल सके। बैंक में नकदी निकालने पहुंचे लोग मायूस होकर लौटना पड़ा।
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पोस्ट आफिस में नहीं मिली नकदी
डाकघरों से भी शुक्रवार को लोगों को नकदी नहीं मिल सकी। शहर के मुख्य डाकघर में कैश नहीं होने के चलते नकदी का वितरण नहीं किया गया। ऐसे में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।