फोटो06रामेश्वर दयाल महेरे,चेयरमैन सोरोंजी। संवाद
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सोरोंजी। सिंचाई विभाग की ओर से हरि की पौड़ी से 7.14 किलोमीटर लंबी गोरहा कैनाल तक माइनर के पुनर्स्थापन और सीसी लाइनिंग कार्य के लिए 809.12 लाख रुपये की राशि जारी कर दी गई है। इस परियोजना के एक वर्ष में पूर्ण होने के बाद, हरि की पौड़ी में श्रद्धालुओं को स्नान और आचमन के लिए पवित्र गंगाजल की अविरल और शुद्ध धारा मिलना सुचारू हो जाएगा।
वर्तमान में, माइनर की कच्ची पटरी के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। किसान अक्सर नहर काटकर अपने खेतों की ओर पानी मोड़ लेते थे। इसके अतिरिक्त, गांवों से निकलने वाला दूषित पानी भी इसी माइनर में मोड़ दिया जाता था जिसके परिणामस्वरूप हरि की पौड़ी में कभी-कभी दूषित जल पहुंचता था। कच्ची पटरी के कारण मिट्टी धंसने से नहर अक्सर चोक हो जाती थी। इससे बारिश के दौरान काफी दिक्कतें आती थीं और नगर पालिका को जेसीबी भेजकर इसे खुलवाना पड़ता था। सीसी लाइनिंग का कार्य पूरा होने से ये सभी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
पालिकाध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे लंबे समय से सिंचाई विभाग के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से इस माइनर के पक्कीकरण की मांग करते आ रहे थे। उन्होंने कई बार लखनऊ जाकर मंत्री से मुलाकात भी की थी।
गत वर्ष सितंबर माह में, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्वयं तीर्थनगरी का दौरा कर गोरहा तक कच्चे माइनर का निरीक्षण किया था और हरि की पौड़ी में जल आगमन की दिक्कतों का व्यावहारिक अध्ययन किया था। सिंचाई विभाग ने टेंडर निकालकर 17 जुलाई तक इस कार्य को करने की इच्छुक फर्मों से प्रस्ताव मांगे हैं।
पालिकाध्यक्ष रामेश्वर दयाल महेरे का मानना है कि गोरहा नहर से हरि की पौड़ी तक माइनर के पक्कीकरण से न केवल क्षेत्र की धार्मिक महत्ता बढ़ेगी, बल्कि इसकी सांस्कृतिक गरिमा में भी वृद्धि होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जल संसाधन विभाग एवं कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का आभार व्यक्त किया है।