मातमी धुनों के साथ निकाला जुलूस, रहे सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मातमी धुनों के साथ बुधवार को मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजारों लोगों ने शिरकत की। जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
बड्डू नगर, जामा मस्जिद, गंदा नाला क्षेत्र सहित अन्य मुस्लिम बस्तियों में रखे ताजिये अपने निर्धारित स्थानों पर एकत्रित हुए जहां से मातमी धुनों के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच जुलूस ने अपने निर्धारित मार्गों पर भ्रमण किया। जुलूस के दौरान ताजिएदारों के अलावा समुदाय के लोग भी जुलूस में शामिल रहे। जुलूस गंदा नाला मुस्लिम बस्ती से शुरू होकर गली जौरा भौरा, सहावर गेट, गली अंतरम, गंदा नाला क्षेत्र में घूमा। ताजिया देखने के लिए काफी संख्या में लोग उमड़ पड़े। महिलाएं व बच्चों ने घरों की छतों से ताजिये के जुलूस देखे। इससे पूर्व मोहर्रम की नौ तारीख मंगलवार को शहर में सुबह से लेकर शाम तक कार्यक्रम हुए। ताजियों पर लोगों ने हाजिरी लगाकर हर खास ओ आम के लिए मन्नत और दुआ मांगी। लोग देर रात तक मर्शिया पढ़कर गम ए हुसैन में शरीक हुए। ताजिएदार कमेटी के हारून रूपा ने बताया कि निर्धारित मार्गों में भ्रमण के बाद ताजियों को करबला में दफन किया गया। जुलूस के दौरान सलीम अहमद, आरिफ हाजी, फरीद, मुशीर अहमद, अमीसा, राश्दि, कासिम आदि मौजूद रहे। कस्बा बिलराम में जुलूस मोहल्ला कस्सावान से जुलूस आरंभ हुआ। कस्बे के विभिन्न मागों से भ्रमण के बाद ताजियों को करबला में दफन कर दिया गया। इस दौरान दानिश अली, असरफ अली सेफी, कमरुद्दीन, प्यारे मियां, बाहर मियां आदि मौजूद रहे। उपजिलाधिकारी भरत लाल सरोज, सीओ शवीह हैदर, तहसीलदार एन राम, नायब तहसीलदार ब्रहमानंद कठेरिया पुलिस व पीएसी के जवान नजर बनाए रहे।
अखाड़ेबाजों ने दिखाए करतब
जुलूस के दौरान जगह-जगह अखाड़ेबाजों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। हुसैन की याद में समुदाय के लोगों ने सिर पर कांच की रॉड, मुंह में मिट्टी का तेल डालकर आग निकालने, तलवार बाजी इत्यादि कई हैरतअंगेज प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया। जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।
लंगर का हुआ आयोजन
हयूमन वेलफेयर डवलपमेंट एंड एजूकेशनल सोसायटी ने मुहर्रम पर गली सत्तार बैंड एवं गली कायस्थान में लंगारखानी का आयोजन किया। इस दौरान वली मोहम्मद, वारिस हुसैन, निसारउददीन, साबिर अली, मोहम्मद हबीब, रफीक, इरशाद, शमशेर, असगर, रफी अहमद, लाडले, अब्दुल सत्तार आदि मौजूद रहे।