कल्याण-राजनाथ का सुशासन दिलाया याद
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भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जब मंच से भाषण के दौरान अखिलेश सरकार पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं को कल्याण सिंह एवं राजनाथ सिंह के शासन की याद दिलाई तो कार्यकर्ता जोश से भर उठे। इसके बाद कल्याण समर्थकों ने ‘यूपी की अब मजबूरी है, कल्याण जरूरी है’ जैसे नारे लगाए।
कल्याण समर्थकों की नारेबाजी सुन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यूपी की जमीं से कल्याण सिंह(बाबू जी) का गहरा रिश्ता है।वह इशारों ही इशारों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में कल्याण सिंह और राजनाथ के महत्व को समझा गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह ने संबोधन के दौरान केवल दो नेताओं के नाम ही लिए। यह बात भाजपाइयों के चर्चा का विषय बनी रही। कुछ लोग कल्याण सिंह की उत्तर प्रदेश में सक्रियता पर चर्चा करते दिखे तो कुछ राजनाथ सिंह की। उन्होंने कहा कि 2017 विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश में फिर से कमल खिलखिलाएगा। यूपी में भाजपा की कल्याण और राजनाथ के शासन जैसा सुशासन दे सकती है।
सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
कासगंज(ब्यूरो)। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। बारह पत्थर मैदान में प्रवेश से पूर्व कार्यकर्ताओं को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा। वहीं मंच एवं पंडाल में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान स्वयं उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभाले थे। हेलीपेड पर भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त थे। इस दौरान एडीएम बीएम मिश्र, एएसपी राधेमोहन भारद्वाज, उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी स्वयं सुरक्षा में लगे नजर आए।