मुंसिफ कोर्ट जलेसर भेजने के विरोध में शुक्रवार को कचहरी और तहसील में वकीलों ने कामकाज बंद रखा। कचहरी के पास शुक्रवार सुबह कुछ दुकान खुलने पर अधिवक्ताओं ने दुकानें बंद कराईं तो पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए। करीब दस बजे हंगामा होने पर सीओ और एसडीएम दो थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। एसडीएम और सीओ शुक्रवार को दिनभर कचहरी के बाहर पुलिस बल के साथ डेरा जमाए रहे।
बता दें कि मुंसिफ कोर्ट जलेसर भेजने के विरोध में कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अधिवक्ता कई दिनों से हड़ताल पर हैं। इसी के विरोध में गुरुवार को कचहरी के दुकानदार, स्टांप वेंडर, टाइपिस्ट, नोटरी अधिवक्ताओं ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए दो दिवसीय हड़ताल का एलान किया था। इसके चलते शुक्रवार को सभी दुकानदार, टाइपिस्ट, नोटरी अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। सुबह करीब दस बजे कुछ दुकानदारों ने दुकान खुली मिलीं, जिसे अधिवक्ताओं ने बंद कराया। कुछ देर हंगामा हुआ तो पुलिस प्रशासन के कान खड़े हो गए। सूचना पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे एसडीएम रवि प्रकाश और सीओ निवेश कटियार ने समझा कर शांत कराया। इसके बाद कचहरी के आसपास की दुकानें पूरे दिन बंद रहीं। हंगामे के बाद कचहरी परिसर के बाहर शुक्रवार को दिनभर पुलिस बल तैनात रहा, जबकि एसडीएम और सीओ डेरा जमाए रहे। हड़ताल पर गए कचहरी और तहसील के वकीलों समेत अन्य लोगों ने शुक्रवार को कामकाज ठप रखा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी, महासचिव राकेश यादव ने बताया कि जलेसर मुंसिफी को लेकर विरोध जारी रहेगा। इस दौरान विनीत मिश्रा, सतेंद्र पाल सिंह, राकेश यादव,जिनेंद्र कुलश्रेष्ठ, सुनील यादव समेत अनेक वकील मौजूद रहे।