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टीजीटू के विरोध में धरने पर बैठे जेई, अधीक्षण अभियंता पर जड़े आरोप

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अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर विरोध-प्रदर्शन करते विद्युत निगम के अवर अभियंता। संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने मंगलवार को अधीक्षण अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। टीजीटू (टैक्नीशियन ग्रेड टू) के विरोध में जेई धरने पर बैठ गए। शासन के आदेश का पालन न कराने का आरोप अधीक्षण अभियंता पर लगाया। अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के दौरान अवर अभियंताओं ने बताया कि शासन के निर्देश पर 74 जिलों से टीजीटू को जेई के कार्य से मुक्त कर दिया गया है। एटा में टीजीटू के दो कर्मचारियों के पास जेई का चार्ज था। सामान आदि जेई के नाम से निकाला जा रहा था। जबकि कार्य टीजीटू करा रहे थे।
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शासन के आदेश के बाद आईटीआई फीडर पर कार्यरत टीजीटू से चार्ज हटाकर एक जेई को दिया गया, लेकिन रेलवे रोड विद्युत उपकेंद्र पर टीजीटू से जेई का चार्ज नहीं हटाया जा रहा है। कोतवाली देहात फीडर के जेई के नाम से स्टोर से सामान निकल रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो बार अधीक्षण अभियंता राजकुमार से मिलकर इस मामले में बात की गई, लेकिन उन्होंने अनसुनी कर दी। जब तक टीजीटू से चार्ज नहीं हटाया जाएगा, धरना और विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। अध्यक्ष जूनियर इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार, सुमित सोनी, लेखा निरीक्षक अतुल यादव, जितेंद्र सिंह, जवाहर सिंह, राहुल कुमार, मनीष कुमार, रजनीकांत आदि अवर अभियंता मौजूद रहे।
नारेबाजी कर निकाली भड़ास
मंगलवार देर शाम अवर अभियंताओं ने टीजीटू को जेई के कार्य से कार्यमुक्त करने को लेकर अधीक्षण अभियंता से बात की, लेकिन बात न बनने पर अवर अभियंता नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कार्यालय पर जमकर नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली।
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दबाव बनाने की कही बात
अवर अभियंताओं ने बताया कि कोरोना संक्रमण के समय विद्युत चेकिंग टीमों को समाप्त कर दिया गया था। उस समय अवर अभियंताओं व लाइनमैनों द्वारा चेकिंग की गई। अब कोरोना संक्रमण समाप्त हो गया है। इसके बावजूद भी चेकिंग टीमें नहीं बनाई जा रही हैं। उच्चाधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है।
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