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कई घंटे जाम में फंसे वाहन

Sat, 14 Nov 2015 06:49 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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यातायात माह चल रहा है लेकिन जनपद की यातायात व्यवस्था को देखकर लगता है कि यहां यातायात के कोई नियम कानून है ही नहीं। जाम का झाम नगर की पहचान बन चुका है, किसी त्योहार आदि पर यह हालात इतने विकराल हो जाते है कि मेन रोड से वाहन तो दूर कभी-कभी पैदल यात्रियों का निकलना भी दूभर हो जाता है। जाम के झाम से निपटने के लिए जिला प्रशासन के प्रयास रंग लाए थे जब मुख्यमंत्री ने बाईपास की घोषणा की। इस घोषणा से जनपद के लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब जाम के झाम से मुक्ति मिलेगी लेकिन यह उम्मीद समय के साथ ही दम तोड़ती जा रही है। घोषणा के बाद बाईपास निर्माण के लिए  कोई भी प्रयास अभी तक नहीं हुआ। अब बाईपास निर्माण का कार्य पूरी तरह से ठंडे बस्तें में पड़ा हुआ है। जनपद के अधिकारी चुनावी प्रक्रियाओं में व्यस्त है तो जनपद के लोगों को जाम के झाम में उलझकर परेशान होना पड़ रहा है।
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विदित हो कि जनपद के विभिन्न प्रमुख चौराहे बिलराम गेट, नदरई गेट, सोरो गेट आदि इलाकों में प्रतिदिन जाम की विकराल समस्या उत्पन्न होती है। दिन निकलने के साथ ही प्रतिदिन जैसे ही यातायात का दबाब सड़क पर बढ़ता है तो जाम के विकराल हालातों से लोगों को जूझना पड़ता है। अमांपुर चौराहे पर तो ट्रेफिक पुलिस कर्मियों के जमा होने से यहां जाम की समस्या नहीं रहती अन्य चौराहे पर ट्रेफिक पुलिस कर्मियों की कमी व डयूटी पर तैनात कर्मियों की सुस्ती से जाम की समस्या पैदा होती है। जाम की समस्या का प्रमुख कारण बढ़ता जहां बढ़ता यातायात दबाब है वहीं सड़क के दोनो और दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण भी। सरकूलर रोड पर सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर सजी हुई दुकानं प्रतिदिन जाम की समस्या को और विकराल बनाती है। फुटपाथ पर अतिक्रमण से दोपहिया वाहन व पैदल यात्री भी मजबूरी में चार पहिया वाहनों के बीच जाम में फंसकर परेशान होते है। ऐसी स्थिति से निपटने को व्यवस्था में लगी यातायात पुलिस जाम को सुलझाने के लिए फुटबॉल बनी नजर आती है।
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