विश्वविख्यात दरगाह शरीफ खानकाह-ए-बरकातिया पर 89 वें उर्स-ए-कासमी बड़ी ही अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। उर्स में शामिल होने को देश-विदेशों से आए जायरीन दरबार में हाजिरी लगाकर हर खास-ओ-आम के लिए दुआ मांग रहे हैं। शनिवार को चादर गागर का जुलूस निकाला गया। जुलूस में हजारों जायरीन शिरकत करने पहुंचे। इससे पूर्व शुक्रवार की देर रात में मुकाबला-ए-किरत हुआ।
उर्स में शनिवार की शाम बाद नमाज-ए-मगरिब के चादर गागर का जुलूस निकाला गया। जुलूस का आगाज दादा पीर सैयद अब्दुल जलील साहब रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह शरीफ से हुआ। जुलूस की सरपरस्ती सैयद मोहम्मद अशरफ मियां, सैयद मोहम्मद अफजल मियां और सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने की। जुलूस का पूर्व पालिकाध्यक्ष परवेज जुबैरी के अलावा कई स्थानों पर इस्तकबाल किया गया। मजार-ए-मुबारक पर लोगों ने अकीदत के साथ चादर पेश कर नेक दुआ मांगी। वहीं शुक्रवार की रात गुलशन-ए-बरकात पार्क में मुकाबला-ए-किरत का आयोजन हुआ। मुकाबले में लखनऊ के मुनव्वर अली प्रथम, दूसरे स्थान पर मुबारकपुर के अब्दुल सलाम और तीसरा मुकाम लखनऊ के शहजाद आलम ने हासिल किया। विजेताओं को सज्जादानशीं प्रो. सैयद अमीन मियां कादरी ने टृॉफी से नवाजा। इस दौरान प्रो. सैयद अमीन मियां कादरी ने महफिल में मौजूद जायरीनों से तकरीर के जरिये इल्म हासिल करने पर जोर देते हुए कहा कि तालीम से मुंह मोड़ने के कारण दुनिया में मुसलमानों के हालात नाजुक हैं। उन्होंने कहा कि दीन-ए-इस्लाम की पहचान को दहशतगर्द मिटाना चाहते है, लेकिन इस्लाम का अमन और मुहब्बत का पैगाम आज भी जारी है। सज्जादनशीं ने कहा कि जो आतंकवादी इस्लाम का नाम लेकर दहशत फैला रहे हैं वह इस्लाम से नहीं है। सैयद अशरफ मियां कादरी, नजीब हैदर नूरी, सैयद अमान मियां कादरी, सैयद उस्मान मियां कादरी, सैयद हैदर हसन आदि लोग मौजूद रहें।
कुरआन-हदीस की रोशनी में दिए सवालों के जवाब
शनिवार को गुलशन-ए-बरकात पार्क में मजहबी सवाल जवाब प्रोग्राम ‘सवाल आपके जवाब हमारे’ का आगाज तिलावत-ए-कुरान से किया गया। प्रोग्राम में बाहर से आएं उलमा ने मौजूद जायरीनों के सवालों के जवाब कुरआन-ए-पाक व हदीसों के हवाले से दिए।