गांव मनीगढ़ की नर्सरी में पौधों पर लगे नींबू ।संवाद
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एटा। इस बार नींबू के दामों ने लोगों के दांत खट्टे कर रखे हैं। इस खट्टापन को जलेसर ब्लॉक क्षेत्र की नर्सरी कम करेंगी। नींबू की मांग और मूल्य ज्यादा हैं। ऐसे में नर्सरी संचालकों ने पौध बढ़ा दी है। पिछले वर्ष जहां 2 लाख तक पौध लगाई गई थी, इस बार 10 लाख तैयार की गई है।
जलेसर क्षेत्र के गांव पायदापुर, मनीगढ़ी, और कोठी के सैकड़ों बीघा खेतों में करीब 60 नर्सरी संचालित हैं। इनसे जुड़े लोग हिमाचल प्रदेश से बीज खरीदकर लाते हैं। जिसकी यहां पौध करने के बाद उस पर संतरा, मौसमी, किन्नू और नींबू की क्राफ्टिंग की जाती है। पौध तैयार होने के बाद मांग के अनुरूप इनकी आपूर्ति उत्तर प्रदेश ही नहीं, बाहर के प्रांतों तक की जाती है।
पंजाब, आंध्रप्रदेश और असम तक से मांग आती है। आमतौर पर संतरा और मौसमी की पौध की मांग अधिक रहती है और सबसे ज्यादा पौध इसकी ही की जाती हैं। लेकिन इस बार नींबू के भाव ने नर्सरी संचालकों की नजरिया भी बदला है। नींबू की पौध ही सबसे ज्यादा तैयार की गई है। इन्हें खरीदकर बागों और खेतों में रोपा जाएगा।