एटा। नौतपा समाप्त होने के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने एक बार फिर अपने गरम तेवर दिखा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे दिनभर उमस और गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा। दोपहर को सड़कों पर सन्नाटा सा पसरा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो रविवार को बढ़कर 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तापमान में वृद्धि से राहगीरों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे लोगों को ज्यादा परेशानी हुई।
मौसम विज्ञान प्रभारी डॉ. एसके सिंह ने बताया कि आगामी दो-तीन दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें तथा धूप से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।
उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में बारिश की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि हल्के बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, लेकिन इससे तापमान में विशेष राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
वायरल बुखार और डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ी
तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। मेडिकल कॉलेज में वायरल बुखार व डायरिया मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में प्रतिदिन 450 से 500 मरीज गले की समस्या के पहुंच रहे हैं।
सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा का कहना है कि मौसम में बदलाव और तेज गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीमारियों से बचाव के लिए खानपान का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और स्वच्छ भोजन और फलाहार स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा।
क्षय रोग शिविर में 78 मरीजों का उपचार
मिरहची। गांव नगला परसोती खोजपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर क्षय रोग मरीजों का उपचार किया। आयुष्मान आरोग्य शिविर का उद्घाटन ग्राम प्रधान जयकुमार ने किया। शिविर में 78 मरीजों के पंजीकरण किए गए। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर प्राथमिक उपचार किया। शिविर के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक केके गुप्ता ने बताया कैंप में कोल्ड कफ, एसिडिटी के अलावा वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही। इस दौरान क्षय रोग से बचाव एवं लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। कैंप में सुधीर कुमार, अभय सिंह, वेद प्रकाश, आशा कार्यकर्ता मनोरमा एवं सरोज आदि मौजूद रहे। संवाद
मिरहची के नगला परसोती गांव में क्षय रोग शिविर में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद- फोटो : सांकेतिक