एटा। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। दयनीय स्थिति में पहुंचे वायु गुणवत्ता सूचकांक ने सभी की चिंता बढ़ा दी है। इसके बावजूद औद्योगिक इकाइयों की मनमानी नहीं रुक रही। अमर उजाला ने मानकों के उल्लंघन की खबर प्रकाशित की तो डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इकाइयां की पड़ताल करने का आदेश जारी किया है।
शहर में प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कासगंज रोड पर शहर से निकलते ही औद्योगिक इकाइयां शुरू हो जाती हैं। जिनमें विभिन्न उत्पाद तैयार करने के लिए दहन का कार्य भी किया जाता है। नियमानुसार इसके लिए तय ऊंचाई की चिमनी लगाना अनिवार्य है। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम का सक्रिय होना जरूरी है। लेकिन कई इकाइयों में चिमनियां लगी ही नहीं हैं। जहां लगी हैं, उनमें भी चिमनी से कम और आसपास से धुएं के गुबार अधिक उठते नजर आते हैं। प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम नाम मात्र को ही हैं। खासतौर से सुबह और शाम के समय यह कार्य सबसे अधिक किया जाता है। क्योंकि निरीक्षण, कार्रवाई आदि के लिहाज से यही समय सबसे अधिक सुरक्षित है।
अमर उजाला ने इस पूरे मामले को लेकर 9 नवंबर के अंक में खबर प्रकाशित की। डीएम प्रेम रंजन सिंह ने इसका संज्ञान लेते हुए उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र जारी किया है। औद्योगिक इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण और गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि सभी इकाइयों में प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम संचालित रहने चाहिए। क्षेत्रीय लोगों और राहगीरों को हरगिज समस्या न हो। लापरवाही बरतने वाली इकाइयों के स्वामियों पर कार्रवाई करने के लिए भी कहा है।