एटा। एटा-कासगंज हाईवे पर गोवंशों के झुंड से लोग परेशान हैं। तमाम हादसे होते हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार कुछ नहीं कर रहे। इस समस्या को अमर उजाला ने 28 अक्तूबर के अंक में प्रकाशित किया। जिलाधिकारी ने संज्ञान लेकर गोवंशों को पकड़वाने और लापरवाहों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
ब्लॉक शीतलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायतें असरौली, कसैटी, रारपट्टी स्थित एटा-कासगंज हाईवे के आसपास तमाम गोवंश बैठे या विचरण करते नजर आते हैं। ये कभी डिवाइडर पर बैठे रहते हैं तो कभी सड़क के बीचोंबीच तक आ जाते हैं। इससे हादसे होना आम बात हो गई। संबंधित खंड विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मियों की जिम्मेदारी है कि गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाएं। लेकिन जिम्मेदार हाथ खींचे बैठे हैं और स्थानीय लोगों व राहगीरों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में पहुंचाया जाए तो हादसों का खतरा टाला जा सकता है।
जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते बने इन हालातों व लोगों की समस्या को लेकर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की। इस पर डीएम प्रेमरंजन सिंह ने संबंधित ब्लॉक शीतलपुर के बीडीओ प्रभुदयाल को निर्देशित किया है। कहा है कि अपनी टीम के साथ बैठक कर तय करें कि सड़कों पर गोवंशों का झुंड न दिखे। इनको कैटल कैचर की मदद से नजदीकी गो आश्रय स्थल पहुंचाया जाए। जिससे कि सड़कों पर दुर्घटनाएं कम हो सकें। लापरवाही बरतने वाले लोगों का उत्तरदायित्व तय कर कार्रवाई करें।