बस स्टैंड के पास आगरा रोड मोड़ पर रोडवेज बसों के आगे यात्रियों को भरते ऑटो। संवाद
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एटा। अवैध रूप से चल रहे प्राइवेट वाहन स्टैंड को हटाने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन इसमें लाचार नजर आ रहा है। प्राइवेट वाहन संचालक इस कदर हावी हैं कि रोडवेज बस अड्डों के पास ही अस्थायी रूप से स्टैंड बना रखे हैं। जहां से यात्रियों को भरकर ले जाते हैं और रोडवेज बसें यात्रियों का इंतजार करती रह जाती हैं। प्रशासन कस्बों के तो दूर, जिला मुख्यालय तक से अवैध स्टैंड नहीं हटवा सका है।
शहर में जीटी रोड पर रोडवेज बस स्टैंड स्थित है। इसके अंदर बसें खड़ी कर यात्रियों को बैठाने के निर्देश हैं। जबकि बस स्टैंड के ठीक सामने और आगे-पीछे प्राइवेट बसें व अन्य वाहन खड़े कर यात्रियों को उनमें बैठ लेते हैं। सबसे अधिक मारामारी कासगंज रोड, आगरा रोड, अलीगंज रोड पर जाने वाले यात्रियों को लेकर रहती है। इन्हें रोडवेज बसों तक पहुंचने ही नहीं दिया जाता है। जिसके चलते कई बार रोडवेज बस चालक व परिचालकों की झड़पें प्राइवेट वाहन संचालकों से हो चुकी हैं।
एआरएम लिखित में इस समस्या को जिला प्रशासन से लेकर पुलिस को दे चुके हैं, लेकिन रोडवेज बस अड्डे से प्राइवेट वाहनों का जमावड़ा कम नहीं हुआ। इसके अलावा जलेसर, जैथरा, अलीगंज, मिरहची में भी रोडवेज बसों के ठहरने के ठिकानों पर ऑटो, बसों सहित अन्य प्राइवेट वाहन यात्रियों के इंतजार में खड़े नजर आ जाते हैं।