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नगर पालिका और ग्राम पंचायतें मिलकर करें काम तो मिलेगा समाधान

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स्टेडियम में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को समस्याएं बताते सभासद व प्रधान। - फोटो : ETAH
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एटा। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को शहर के पं. गोविंद वल्लभ पंत स्टेडियम में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर से सटे इलाकों के विकास को लेकर सभासदों, प्रधानों, अधिवक्ताओं, व्यापारी नेताओं, समाजसेवियों ने समस्याएं गिनाईं। संबंधित अधिकारियों ने इनके समाधान के लिए योजना बनाने का भरोसा दिया। कई मामलों पर कार्य के लिए सहमति बनी। मोटे तौर पर यह सामने आया कि नगर पालिका और ग्राम पंचायतें मिलकर काम करें तो इन इलाकों की समस्याओं का समाधान मिल सकता है।
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चर्चा के दौरान मुख्य रूप से यह बात सामने आई कि शहर के विकास और सुविधाओं के लिए जो परियोजनाएं लागू की जाती हैं, उन्हें अंजाम तक नहीं पहुंचाया जाता। मसलन जल निकासी के लिए नाले शहर की सीमा तक बनाए जाते हैं। जिससे शहर का पानी गांव में भरता है। इन्हें आगे बढ़ाते हुए किसी नदी-तालाब से जोड़ा जाए। नगर पालिका इस काम को कराए और संबंधित ग्राम पंचायत सहयोग करे। इन इलाकों को नगर पालिका की सीमा में शामिल करने की औपचारिकताएं पूरी की जाएं। जब तक ये नगर में नहीं आ जाते, ग्राम पंचायतें इन पर अतिरिक्त ध्यान देकर कार्य कराएं। ज्यादा जरूरत वाली व्यवस्था पर अधिक बजट खर्च करें।
जल कर आदि के माध्यम से आय बढ़ाकर इलाकों का विकास कराएं। चर्चा में आईं समस्याओं के समाधान को लेकर एसडीएम सदर शिवकुमार ने संबंधित विभागों के माध्यम से योजना तैयार कराने की हामी भरी। वहीं एडीपीआरओ मनोज कुमार यादव ने नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के समन्वय से काम करने पर जोर दिया। डिप्टी सीएमओ डॉ. सतीश चंद्र नागर ने ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर करने का आश्वासन दिया। वहीं पालिका के ईओ डॉ. दीप वार्ष्णेय ने नगर पालिका सीमा विस्तार के प्रस्तावों में सभी के सुझाव शामिल करने, समस्याओं के समाधान के लिए पालिका की हद में काम कराने और अनाधिकृत रूप से प्लाटिंग न होने देने की भी बात कही।
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उठा श्याम विहार में बाढ़ के हालातों का मुद्दा
चर्चा के दौरान बरसात के मौसम में श्याम नगर में बने बाढ़ के हालातों का मुद्दा भी उठा। सभासदों, प्रधान, व्यापारियों आदि ने साफ कहा कि अफसरों की अनदेखी के चलते श्याम विहार व इससे सटे इलाके जलमग्न हो गए। यहां लंबे समय से अवैध रूप से प्लॉटिंग होती रही। पानी निकासी के लिए व्यवस्था नहीं की गई। जिसका परिणाम सभी ने देखा।
अमर उजाला ने उठाई थीं समस्याएं
अमर उजाला ने 4 से 10 दिसंबर तक समाचार शृंखला संचालित की थी। जिसमें शहर से जुड़े उन इलाकों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जहां शहरीकरण हो चुका है, लेकिन शहर जैसी सुविधाएं नहीं मिल रहीं। अशोक विहार, आर्य नगर, राधा विहार, रुकमणी विहार, सुरेंद्र नगर, मयूर विहार, रामेश्वरपुरम, गोपालनगर, श्रीनगर कॉलोनी, पुष्पांजलि वाटिका, भार्गव नगर, साईंधाम इलाकों की समस्याएं शामिल थीं। जहां सीमा विस्तार न होने से नगर पालिका काम नहीं करा रही, जबकि ग्राम पंचायतों में भी सीमा विस्तार को लेकर ऊहापोह की स्थिति है।
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