एटा। दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- तीन कमालुद्दीन की अदालत ने दहेज हत्या के दोषी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामले में आरोपी सास और ससुर को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिए गए।
निधौलीकलां थाना क्षेत्र के नगला वेदी गांव निवासी संगीता की शादी विपिन कुमार निवासी जिटौली के साथ हुई थी। आरोप था कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज से संतुष्ट नहीं थे और कार अथवा 10 लाख रुपये की मांग करते हुए संगीता को प्रताड़ित करते थे। आरोप के मुताबिक उसे पीटने के साथ ही मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। 26 मई 2024 को भी पिटाई की सूचना मिलने पर परिजन ने पुलिस को तहरीर दी थी। मगर बाद में समझौता कराकर मामला शांत कराया गया।
आरोप था कि सात जून 2024 को ससुराल पक्ष के लोगों ने संगीता के साथ पीटा और फंदे पर लटका दिया। हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से चिकित्सकीय रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व पंचनामा सहित अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पति विपिन कुमार को दोषी माना, जबकि कुमरश्री और श्यामपाल को दोषमुक्त कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या- तीन कमालुद्दीन की अदालत ने विपिन कुमार को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।