एटा में दर्दनाक कहानी सामने आई है। पिता की मौत के बाद मां ने भी मासूम बच्चों का साथ छोड़ दिया। अब अनाथ बच्चों के सामने संकट ये है कि मां की लाश को कंधा देने वाला कोई नहीं है। परिवार और रिश्तेदारों ने उनसे मुंह मोड़ लिया है।
एटा के गांव नगला धीरज से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बदनसीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले पिता की मौत हुई और अब लंबी बीमारी से जूझते हुए मां ने भी दम तोड़ दिया। जीवन की आखिरी ढाल टूटने के बाद अब भाई-बहन पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।
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मां का पार्थिव शरीर मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस पर रखा हुआ है। बालक का कहना है कि अंतिम संस्कार के लिए परिवार का कोई सदस्य आगे नहीं आ रहा। न कोई कंधा देने वाला है और न ही कोई जिम्मेदारी उठाने को तैयार है। बालक कभी मां के निस्तेज चेहरे को देख रहा है, तो कभी आसपास खड़े लोगों की ओर उम्मीद भरी निगाहों से ताक रहा है। बच्चे ने अपने ही अन्य परिवारजन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बालक का कहना है कि उनकी जान को खतरा है। जान से मारने की धमकी दी जा रही है। ऐसे में भाई बहन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
थाना प्रभारी जैथरा रितेश ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के बाद उनका अंतिम संस्कार उनकी ओर से कराया जाएगा। इसके अलावा बालक की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की भी जांच करते हुए। इनको सुरक्षा प्रदान की जाएगी।