जनपद में बिजली की सप्लाई के लिए विभाग द्वारा बिछाई गई हाईटेंशन लाइन काफी असुरक्षित हैं। लोड बढ़ने के साथ ही तार टूटकर गिर पड़ते हैं। जिनसे अक्सर हादसे होते रहते हैं। विभाग इन लाइनों को बदलने में मात्रा खानापूर्ति ही करता है।
बिजली विभाग ने नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई पहुंचाने के लिए 75 हजार किमी क्षेत्रफल से अधिक में हाईटेंशन लाइन का जाल बिछा रखा है। यह लाइनें खेतों के ऊपर, तंग गलियों, मुंख्य बाजारों, चौराहों आदि के ऊपर से होकर गुजर रही हैं। इन लाइनों पर काफी लोड रहता है। जिससे अक्सर तार टूटकर गिर पड़ते हैं। तारों को बदलने के लिए विभाग को शासन से पर्याप्त बजट तक नहीं मिल पाता।
एक साल में विभाग मात्र 10 किमी लाइन को ही बदलता है। जबकि प्रत्येक वर्ष इससे कहीं अधिक लाइनें जर्जर हो जाती हैं। इन लाइनों के नीचे सुरक्षा के इंतजाम तक विभाग ने नहीं कर रखे। जिससे तार टूटने पर सीधे नीचे जमीन पर, घरों की छतों, या खेत आदि में आकर गिरते हैं, जो हादसे का कारण बनते हैं। अब तक काफी संख्या में हादसे हो चुके हैं।
जनवरी में सोरों के दतलाना में तार टूटने से 4 पशुओं की मौत हो गई
मार्च में पटियाली के पुसारी गांव में तार टूटने से एक बालक की मौत हो गई, एक झुलस गया
अप्रैल में दुर्गा कॉलोनी में घर पर तार टूटकर गिरने से दो पशुओं की मौत हो गई
मई में अशोक नगर तिराहे पर टूटकर गिरने से भगदड़ मच गई, एक दुकान पर रखे बोरों के ढेर में आग लग गई
मई में सोरों के कादर बाड़ी में तार टूटकर गिरने से 8 भेंसों की मौत, एक झुलसी
जून में ग्राम मामों में किशोर झुलसा, भैँस की मौत
जुलाई में सोरों के प्रहलादपुर में पढऱा की मौत
अगस्त में पटियाली के कुतुकपुर में तार टूटकर गिरने से महिला की मौत्र,तीन झुलसे
बिजली विभाग के खिलाफ दर्ज कराई प्राथमिकी
कासगंज। ग्राम सनोडी खास के कायमपुर में हुए हादसे के मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। सिकंदरुपर वैश्य थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर में विभाग के किसी अधिकारी या कर्मी को नामजद नहीं किया गया है। अज्ञात में मामला दर्ज हुआ है।
मामले की होगी जांच
कासगंज। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता सत्यदेव सिंह ने बताया कि गांव में अभी नई लाइन बिछाई गई है। निदेशालय से लाइन की जांच के बाद एनओसी मिलने पर ही बिजली की सप्लाई दी जाती है। एनओसी न मिल पाने से बिजली की सप्लाई शुरू नहीं की गई। गांव में बिजली की सप्लाई किस तरह से पहुंची इसकी पूरी जांच होगी। यदि विभाग के किसी कर्मी का हाथ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच की जिम्मेदारी एसडीओ तृतीय को सौंपी गई है।