एटा। ड्यूटी के नाम पर होमगार्ड कार्यालय नोएडा में हुए करोड़ों के घोटाले के बाद जिले में भी जांच शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर होमगार्डों को मिलने वाले तीन माह के मानदेय को रोक दिया गया है। जांच और मास्टर रोल के सत्यापन के बाद ही ड्यूटी का पैसा दिया जाएगा। शासन के फरमान से जिले में तैनात 800 जवान प्रभावित होंगे।
ग्रेटर नोएडा में होमगार्डों की फर्जी ड्यूटी लगाकर करोड़ों का घोटाला सामने आने के बाद अधिकारियों के होश उड़ गए। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शासन ने बीते दिनों जनपद में तैनात 800 होमगार्डों जवानों का मानदेय रोकने के साथ ही मास्टर रोल की जांच के आदेश दिए। जिला होमगार्ड सहायक कमांडेंट का चार्ज संभाले विजय सिंह ने बताया मास्टर रोल का मिलान करने के बाद होमगार्डों को मानदेय दिया जाएगा। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट मंडल को भेजी जाएगी।
पहले कमीशन के फेर में अधिकारी कृपा पात्र होमगार्ड की ड्यूटी अधिक लगाते थे। इससे 2014 से शासन स्तर से साफ्टवेयर की मदद से होमगार्ड जवानों की ऑनलाइन ड्यूटी लगाई जाने लगी। इसके बाद भी अधिकारी गोलमाल कर लेते है। सूत्रों के मुताबिक ड्यूटी पर आमद कराने के बाद होमगार्ड विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से ड्यूटी जाना बंद कर देता है। इसके बाद मास्टर रोल में ड्यूटी दिखाकर माह का मानदेय निकाल लिया जाता है।
कराई जा रही जांच
बीते तीन माह के मास्टर रोल की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए चार टीमें बनाई गई है। अभी तक घोटाले जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। होमगार्ड की ड्यूटी साफ्टवेयर से लगाई जा रही है।
अजय प्रताप सिंह, कमाडेंट, जिला होमगार्ड