पालिका के एजेंडा के विरोध में एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन देते विहिप व बजरं
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एटा। नगर पालिका परिषद एटा की बोर्ड बैठक के लिए जारी एजेंडा पर हिंदूवादी संगठन भड़क गए। एक प्रस्ताव में पालिका प्रशासन ने कुत्ते, सूकर के साथ गाय को आवारा पशु लिख दिया। विरोध में हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और एडीएम वित्त एवं राजस्व सुनील कुमार सिंह को ज्ञापन दिया। कड़े विरोध के बाद पालिका ने कदम खींचते हुए प्रस्ताव निरस्त कर दिया।
नगर पालिका की बोर्ड बैठक 28 जून को प्रस्तावित है। पालिका द्वारा तैयार किए गए एजेंडा के एक प्रस्ताव में आवारा जानवरों को पकड़कर शहर से बाहर छोड़े जाने की व्यवस्था की गई। इसमें कुत्ते, बंदर, सूकर के साथ ही गाय भी दर्ज थी। इसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारी व सदस्य आक्रोशित हो गए। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे विहिप के जिलामंत्री प्रभात कुलश्रेष्ठ ने कहा कि नगर पालिका ने अपने प्रस्ताव में गोमाता की तुलना आवारा पशु कुत्ता, सुअर आदि से कर दी, इससे हिंदु समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री और सरकार गाय के संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान कर रही है। पदाधिकारियों ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. दीप वार्ष्णेय के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान विहिप जिलाध्यक्ष दिलीप पचौरी उर्फ बिट्टू, रंजीत सिंह, प्रभात पचौरी, राजवीर सिंह, हेमंत पांडेय, रिंकू, सुनील, अनुज, नीतेश, लोकपाल, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।
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लिपिकीय त्रुटिवश एजेंडा में गलत प्रस्ताव लिख गया। संज्ञान में आते ही इस प्रस्ताव संख्या 7 को निरस्त करते हुए आगामी बोर्ड बैठक से अलग कर दिया गया है। -डॉ. दीप वार्ष्णेय, ईओ