तेज गर्मी में जीटी रोड पर पानी पीकर प्यास भुझाता युवक। संवाद
एटा। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण रविवार को अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने सुबह से ही मौसम का मिजाज तल्ख बना दिया।
रविवार को दोपहर होते-होते गर्मी का प्रकोप और तेज होता गया। सड़कें सुनसान नजर आने लगीं और जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले वह सिर और चेहरा ढककर तथा छाता लेकर ही निकले। जगह-जगह लोग पेड़ों की छांव, दुकानों व अन्य ठंडे स्थानों का सहारा लेते दिखाई दिए। लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाएं झुलसा देने वाली साबित हो रहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दिनों अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था लेकिन अब इसमें और बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
अवागढ़ विज्ञान केंद्र प्रभारी एसके सिंह का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है और लू का असर और तेज हो सकता है। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। आम दिनों की तुलना में लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। दुकानदार भी गर्मी के कारण परेशान नजर आ रहे हैं। लू और तेज धूप के कारण लोगों में त्वचा में जलन, आंखों में चुभन और शरीर में थकान जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं।
सीएमएस डॉ. एस चंद्रा ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। भीषण गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पक्षी पेड़ों की छांव में बैठे नजर आ रहे हैं वहीं निराश्रित पशु पानी और ठंडी जगह की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं। कई स्थानों पर लोग पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करते भी दिखाई दे रहे हैं।
एहतियात बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें तथा अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करें जिससे लू से बचाव किया जा सके।
तेज गर्मी में जीटी रोड पर पानी पीकर प्यास भुझाता युवक। संवाद