कस्बा मिरहची में अनिश्चित कालीन धरने में मौजूद भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश लोधी व किसान।
मिरहची। एटा-कासगंज रेल लाइन परियोजना के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। श्यौराई गांव में चल रहा किसानों का अनिश्चित कालीन धरना शनिवार को 27वें दिन भी जारी रहा। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याएं सुनने व उचित समाधान करने के लिए अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा जिससे क्षेत्र के किसानों में नाराजगी व्याप्त है।
धरने का नेतृत्व कर रहे ऑल इंडिया किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश लोधी ने कहा कि प्रशासन किसानों की वैध मांगों को अनदेखा कर रहा है जबकि किसान अपनी जमीन के उचित मुआवजे से कम पर तैयार नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसानों के हक में निर्णय नहीं हुआ तो संगठन शासन-प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है।
कैलाश लोधी ने बताया कि एटा–कासगंज रेल लाइन बिछाने के लिए दोनों जिलो के लगभग 110 हेक्टेयर कृषि भूमि का अधिग्रहण होना है। किसानों को वर्तमान में 28 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है लेकिन क्षेत्रीय किसान इसे अपर्याप्त बताते हुए 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा की मांग कर रहे हैं। जिन किसानों की पूरी खेती इस परियोजना में चली जा रही है उनके परिवार के कम से कम एक शिक्षित सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए जिससे परिवार का आजीविका संकट दूर हो सके। महेश चंद्र वशिष्ठ, राजेंद्र सिंह, किशोरी लाल, कमल सिंह, भगवान सिंह, लोकेंद्र पाल सिंह, महात्मा राम सिंह, विवेक कुमार, वैकुंटी देवी, अनुराधा, रविंद्र सिंह, जयप्रकाश, जितेंद्र कुमार, कैलाशी देवी, सविता देवी आदि रहे।