नोडल अधिकारी व सचिव चिकित्सा व स्वास्थ्य अरविंद नारायण मिश्र ने गुरुवार को जिले में चल रहे विकास कार्यों को परखा। साथ ही जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, एआरटीओ कार्यालय के बने नए भवन व विकास खंड मारहरा का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां कमियां मिलीं उन पर नाराजगी जाहिर करते हुए इन्हें दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर जरूरतमंद को मिलना चाहिए।
सचिव अरविंद नारायण ने जिलाधिकारी निधि केसरवानी व अन्य अधिकारियों के साथ सुबह 10 बजे जिला अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं को देखा। मौके पर जानकारी दी गई कि वर्तमान में अस्पताल में 27 चिकित्सक हैं और 11 पद रिक्त चल रहे हैं। इस कमी को दूर करने की बात कही। उन्होंने इमरजेंसी, ओपीडी, नेत्र कक्ष, फिजीशियन कक्ष, सर्जन कक्ष, बाल रोग, अस्थि रोग आदि कक्षों को भी देखा। उन्होंने कहा कि मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाएं, किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अति कुपोषित बच्चों की देखभाल के लिए बनाए गए एनआरसी सेंटर को भी देखा। डीएम ने बताया कि जनपद के अति कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल एवं रखरखाव के लिए उन्हें एनआरसी सेंटर पर भर्ती कराया जाएगा।
इसके बाद सचिव ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधान सहाय कक्ष, वैक्सीन भंडार कक्ष, वरिष्ठ सहायक कक्ष, कंप्यूटर कक्ष का निरीक्षण करने के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी कक्ष में एमओआईसी की भी क्लास ली। उन्होंने कहा सभी एमओआईसी जनता से समन्वय स्थापित करें। इसके बाद समाज कल्याण द्वारा जीटी रोड पर बनाए गए नवीन एआरटीओ भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने एक सप्ताह में यहां सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिलाधिकारी निधि केसरवानी के अलावा सीडीओ साहब सिंह, एडीएम प्रशासन लालमणि, सीएमओ डॉ. आरसी पांडेय, एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह, डीडीओ राधेश्याम, पीडी केके वैश्य मौजूद थे।