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हड़ताल से करोड़ों के निर्माण कार्य पर ब्रेक

Sat, 08 Oct 2016 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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टूटी हुई सड़क - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्यारह दिन से जारी डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल से जिले में 450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग गया है। आलम यह है कि न सड़कें बन रहीं हैं और न ही लोहिया गांवों में नलकूप और सीसी मार्ग निर्माण का काम हो रहा है। जलनिगम की करोड़ों रुपये लागत की परियोजनाएं लटकीं हैं।
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4800 ग्रेड पे और तीन प्रोन्नति वेतनमान की मांग को लेकर जिले के विभिन्न विभागों में काम कर रहे 100 से अधिक डिप्लोमा इंजीनियर्स विगत 27 सितंबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स के काम नहीं करने से विभिन्न विभागों से जुड़ी विकास परियोजनाएं ठप पड़ीं हैं। लोक निर्माण विभाग की एटा-कासगंज फोरलेन मार्ग निर्माण 320 करोड़, एटा-शिकोहाबाद तीन लेन मार्ग निर्माण 63 करोड़, मारहारा-नगरिया मोड़ मार्ग चौड़ीकरण 13 करोड़, कायमगंज-अलीगंज 10 करोड़ रुपये लागत के मार्गों का निर्माण ठप पड़ा हैं। आरईएस की पांच करोड़, समाज कल्याण विभाग 20 करोड़ रुपये लागत के निर्माण, जलनिगम के करीब 21 करोड़ रुपये लागत के ओवरहैड, हैंडपंप, 63 हैंडपंप शिफ्टिंग, पाइप लाइन, ट्यूबवेल, मंडी समिति के करोड़ के निर्माण कार्य अधर में हैं। यही नहीं डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल का असर पीएमजीएसवाई, राजकीय निर्माण निगम, डूडा, सिंचाई विभाग, पावर कारपोरेशन, लघु सिंचाई विभाग और मंडी समिति के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। आरईएस के एक्सईएन आफताब आलम ने कहा कि लोहिया गांव में सीसी मार्ग निर्माण का काम लटका है। हड़ताल लंबी खिंची तो बड़ी परेशानी आएंगी।

407 करोड़ रुपये की चालू परियोजनाओं को निर्माण रुकने के अलावा नए मार्गों का इस्टीमट नहीं बन रहा। जल निगम के अधिशासी अभियंता अवनेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि करोड़ों रुपये लागत के ओवरहेड का निर्माण समेत हैंडपंप शिफ्टिंग पर काम नहीं हो पा रहा।
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                                           - एक्सईएन पीपी सिंह, पीडब्लूडी

हाईकोर्ट द्वारा खनन पर जांच बैठाने के बाद प्रदेश भर में दो महीने पूर्व सरकारी के अलावा निजी निर्माण कार्यों पर ब्रेक लग चुका है। बदरपुर, बालू, गिट्टी जैसे मैटेरियल की कमी के कारण ठेकेदार निर्माण सामग्री की आपूर्ति नहीं होने से काफी दिनो तक निर्माण कार्य अधर में लटके रहे। अब डिप्लोमा इंजीनियर्स की बेमियादी हड़ताल से चुनावी साल में विकास से जुड़ निर्माण कार्य ठप होने से  प्रदेश सरकार को बड़ा झटका दे रही है।
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