जेल में दहेज उत्पीड़न के मामले में जेल में बंद महिला कैदी ने हालत बिगड़ने के बाद भी अपना रोजा नहीं तोड़ा। कैदी के इलाज लेने से इंकार कर दिए जाने के बाद जिला अस्पताल से उसे फिर से जेल भेज दिया गया। महिला कैदी की इस आस्था की लोग चर्चा करते देखे गए।
विस्मिल्ला (70 ) पत्नी ताज मोहम्मद निवासी नगला बरेठी गंजडुंडवारा डेढ़ वर्ष से जेल में बंद है। उसकी पुत्र वधू की जलकर मौत हो गई थी। महिला कैदी भी पिछले तीन दिनों से लगातार रोजा रख रही है। मंगलवार को अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद जेल से उनको जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल पर जैसे ही चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया तो उसने उपचार लेने से इंकार कर दिया। उसका कहना था कि ऐसा करने से उसका रोजा टूट जाएगा। इसके बाद कोतवाली प्रभारी भी चिकित्सालय पहुंच गए। चिकित्सकों व पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिला ने किसी की बात नहीं मानी। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि महिला के इलाज न लेने पर फिर से उसे वापस जेल भेज दिया है।